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सितंबर, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

शिक्षाविदों के लिए हुआ तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ

*- शिक्षाविदों के लिए हुआ तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ* *- विश्वविद्यालय के कुलपतियों सहित प्रोफेसर, डीन, रजिस्ट्रार, व्याख्याता एवं अध्यापकों ने की शिरकत* *- ब्रह्माकुमारीज के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में हुआ* आयोजन *- शिक्षा में आध्यात्मिक मूल्यों के समावेश पर दिया गया बल* 30 सितम्बर 2023, गुरुग्राम ब्रह्माकुमारीज के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में शिक्षाविदों के लिए तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ हुआ। संस्था के शिक्षा प्रभाग के द्वारा आयोजित 'एजुकेटर्स क्रिएटिंग लीडर्स फॉर फ्यूचर' विषय पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। सेमिनार के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए जीडी गोयनका विश्वविद्यालय के कुलपति सत्यनारायण ने कहा कि आज के मशीनी और डिजिटल युग में मानव मूल्यों का ह्रास हुआ है। आज पूरे विश्व में अच्छे लीडर की खोज है। ऐसे में आवश्यकता है शिक्षा को मानवता का मूल केंद्र बनाने की। *- बुराइयों ने मानव को नहीं बल्कि मानव ने बुराइयों को पकड़ा है* नासिक मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीव सोनवणे ने कहा कि शांति हमारा स्वाभाविक गुण है। लेकिन आज हमें शांति के लिए प्रयास करने प...

आयुष्मान भव के अंतर्गत की जा रही है जांच

*- सर्वाइकल कैंसर की डोर टू डोर जाकर की जा रही है स्क्रीनिंग* *- अब तक 4000 से भी अधिक लोगों की हो चुकी है स्क्रीनिंग* *- आयुष्मान भव के अंतर्गत की जा रही है जांच* *- पटौदी, उपमंडल नागरिक अस्पताल के द्वारा चलाया जा रहा है अभियान* 30 सितंबर 2023, गुरुग्राम पटौदी, उपमंडल नागरिक अस्पताल के द्वारा आयुष्मान भव अभियान के अंतर्गत डोर टू डोर सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग चल रही है। अभियान के बारे में जानकारी देते हुए स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योति डबास ने बताया कि अभियान की शुरुआत माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्म दिवस के अवसर पर की गई। डॉ. ज्योति ने कहा कि अब तक 4000 से भी अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कैंसर से अधिक पीड़ित लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। अभियान में 19 वर्ष से अधिक आयु की विवाहित महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा रही है। ब्रह्माकुमारीज के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में बोलते हुए डॉ. ज्योति ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर का मूल कारण स्वच्छता का अभाव है। साथ ही अधिक बच्चे होना भी इसका एक कारण है। डॉ. ज्योति ने कहा कि कैंसर का बहुत...

विश्व हृदय दिवस पर हुआ नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर

 *- लंबी आयु के लिए हृदय का स्वस्थ रहना जरूरी - डॉ. नीरू यादव* *- विश्व हृदय दिवस पर हुआ नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर* *- उपमंडल नागरिक अस्पताल पटौदी ने किया शिविर आयोजित* *- ब्रह्माकुमारीज के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में हुआ आयोजन* 29 सितम्बर 2023, गुरुग्राम विश्व हृदय दिवस के अवसर पर पटौदी के उपमंडल नागरिक अस्पताल के द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। ब्रह्माकुमारीज के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में आयोजित शिविर में 100 से भी अधिक लोगों ने जांच कराई। हॉस्पिटल की एसएमओ डॉ. नीरू यादव ने कहा कि लंबी आयु जीने के लिए हृदय का स्वस्थ होना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि फास्ट लाइफ होने के कारण हृदय पर बहुत जोर पड़ रहा है। हृदय शरीर का एक ऐसा ऑर्गन है, जो निरंतर कार्य करता है। डॉ. यादव ने कहा कि अंगदान महादान है। हमें खुद को तो स्वस्थ रखना ही है लेकिन अंगदान द्वारा दूसरों के जीवन में भी खुशियां घोलना है। डॉ. यादव ने कहा कि 27 सितम्बर को आयुष्मान भव के अंतर्गत स्वास्थ्य जांच मेले का भी आयोजन हुआ। शिविर में ब्लड, हीमोग्लोबिन, बीपी, शुगर, एलएफटी, केएफटी एवं अन्य टेस्ट निशुल्क...

हरित क्रांति के भारतीय सरसेनापती डॉ एम एस स्वामीनाथन जी का कल दीर्घ आयु के चलते स्वर्गवास हुआ, उनके मुक्त आत्मा को ईश्वर चीर शांति दे , यहीं ईश्वर चरणों में प्रार्थना है, हार्दिक श्रद्धांजलि

 पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर व्हाट्स एप नं 9850352745 ता 29 सितंबर 2023 विनम्र श्रद्धांजलि हरित क्रांति के भारतीय सरसेनापती डॉ एम एस स्वामीनाथन जी का कल दीर्घ आयु के चलते स्वर्गवास हुआ, उनके मुक्त आत्मा को ईश्वर चीर शांति दे , यहीं ईश्वर चरणों में प्रार्थना है, हार्दिक श्रद्धांजलि,ओम शांति शांति।          अनाज के बारे में जब हमारा देश परावलंबी था, हम भूखमरी टालनें के लिए पी एल 480 जैसे मानहानि कारक करार करके हम पुरी तरह अमेरिका से निकृष्ट गेहूं और मिलों जवार के विशाल आयात पर निर्भर बन गये थे, यह किसी भी देश को आत्मसम्मान नहीं है। इसलिए खाद्यान्न के उत्पादन में स्वावलंबी बनने के लिए हमारे देश ने डॉ एम एस स्वामीनाथन जी के नेतृत्व में हरित क्रांति को स्वीकार करके उसका अमल किया। आज हम गेहूं और चावल के उत्पादन में आत्मनिर्भर हैं और निर्यात भी कर रहे हैं, यह तत्कालीन भारत सरकार और डॉ एम एस स्वामीनाथन जी और उनके सभी कृषि वैज्ञानिकों का ऐतिहासिक कार्य है, उसके लिए उन्हें बडे आदर के साथ हमारे सुभाष पालेकर कृषि जन आंदोलन के माध्यम से हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पण करते हैं। ...

पद्मश्री डॉक्टर सुभाष पालेकर का आह्वान

 पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर व्हाट्स एप नं 9850352745 ता 28 सितंबर 2023 अनंत चतुर्दशी  विषय ...हमारा पाश्चात्य विदेशी जन्नूक रोपित बी टी genetically modified GM बीजों का विकास करने वाले जन्नूक अभियांत्रिकी तकनीक को विरोध क्यों है?  साथियों और बहनों, सुभाष पालेकर कृषि जन आंदोलन जन्नूक रोपित माने genetically modified GM माने बी टी कपास और GM सरसों बीजों के निर्माण करने वाले जन्नूक अभियांत्रिकी (genetic engineering) तकनीक का और उसका अमल करने वाले रेन्विक जैव वैज्ञानिकों molecular biologist का सख्त विरोध करता है। क्यों कि यह जन्नूक रोपन तकनीक genetic engineering technology माने ईश्वर निर्मित प्राकृतिक देशी बीजों पर किया गया मानवी निर्मम जबरन बलात्कार हैं ।ईश्वर निर्मित प्रकृति में इस तरह के जबरन बलात्कार का कहीं भी अस्तित्व नहीं है, प्रकृति में सिर्फ ईश्वर निर्मित स्वयं उत्परिवर्तन क्रिया (self mutation )से अधिकाधिक सशक्त बलवान अधिक उत्पादक देशी किस्मों का विकास बिना मानवीय सहायता ईश्वर करता है । इसलिए यह कपास में हो यां सरसों में हो रही जन्नूक रोपन की राक्षसी कृति ईश्वरीय व्यवस...

पद्मश्री डॉक्टर सुभाष पालेकर का आह्वान

 पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर व्हाट्स एप नं 9850352745 ता 26 सितंबर 2023 साथियों और बहनों, जीन किसान साथियों ने मई 2023 में आयोजित नाशिक शिवार फेरी में शामिल होकर उसमें श्री हितेश पटेल मो नं 9823290969 जी का सुभाष पालेकर कृषि के द्वारा खडा किया गया सर्वोत्तम पालेकर फुड फाॅरेष्ट पंचस्तरीय माॅडेल बीजवाले अंगूर समेत देखा है और वही माॅडेल खडा करने के व्यवस्था में पुरे समर्पण भाव से जो लग गये है, उन्हें विनम्रतापूर्वक अनुरोध है कि आपको आपके प्रस्तावित निर्माणाधीन माॅडेल में लगाने के लिए बीज वाले पोषणयुक्त औषधि निर्यातक्षम अंगूर की रेड ग्लोब किस्म के नर्सरी पौधे थैलियों में चाहिए, जिन्हें हम जनवरी 2024 में लगायेंगे , उन्होंने तुरंत मुझे मेरे व्हाट्स एप नं 9850352745 पर मेसेज भेजना है, जिसमें आपको आपका नाम पत्ता परिचय व्हाट्स एप नं, कूल कितने नर्सरी पौधे चाहिए, कहा पहुंचाना है इसकी पुरी जानकारी दीजिए, ताकि हम आपके नर्सरी पौधों को आरक्षित रख सके। यह मालूम पडा है कि अंगूर की छांट कलम cutting कुरियर से पहुंचाने में उनको क्षति होती है, पहुंचने तक अधिकांश सुखते है। इसलिए अब हमने निश्चित किया है कि...

पुरातन ग्रंथों अनुसार ऋषि, मुनियों के कार्य

पुरातन ग्रंथों के अनुसार, प्राचीन ऋषि-मुनि एवं दार्शनिक हमारे आदि वैज्ञानिक थे, जिन्होंने अनेक आविष्कार किए और विज्ञान को भी ऊंचाइयों पर पहुंचाया।  ◆ अश्विनीकुमार :- मान्यता है कि ये देवताओं के चिकित्सक थे। कहा जाता है कि इन्होंने उड़ने वाले रथ एवं नौकाओं का आविष्कार किया था। ◆ धन्वंतरि :-  इन्हें आयुर्वेद का प्रथम आचार्य व प्रवर्तक माना जाता है। इनके ग्रंथ का नाम धन्वंतरि संहिता है। शल्य चिकित्सा शास्त्र के आदि प्रवर्तक सुश्रुत और नागार्जुन इन्हीं की परंपरा में हुए थे। ◆ ऋषि भारद्वाज :-  आधुनिक विज्ञान के मुताबिक राइट बंधुओं ने वायुयान का आविष्कार किया। वहीं हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक कई सदियों पहले ही ऋषि भारद्वाज ने विमानशास्त्र के जरिए वायुयान को गायब करने के असाधारण विचार से लेकर, एक ग्रह से दूसरे ग्रह व एक दुनिया से दूसरी दुनिया में ले जाने के रहस्य उजागर किए। इस तरह ऋषि भारद्वाज को वायुयान का आविष्कारक भी माना जाता है। ◆ ऋषि विश्वामित्र :- ऋषि बनने से पहले विश्वामित्र क्षत्रिय थे। ऋषि वशिष्ठ से कामधेनु गाय को पाने के लिए हुए युद्ध में मिली हार के बाद तपस्वी...

लेख- पद्मश्री डॉक्टर सुभाष पालेकर

 पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर व्हाट्स एप नं 9850352745 ता 24 सितंबर 2023 रविवार विषय .. आत्मनिर्भर भारत की निर्मिती संघठन के द्वारा नहीं, सिर्फ जन आंदोलन के द्वारा ही संभव है। कैसे?  साथियों और बहनों, कोई भी स्वयं सेवी संगठन हो, यां गैरसरकारी संगठन NGO हो यां सामाजिक संगठन यां आध्यात्मिक संगठन जो गैरसरकारी संगठन के तौर पर गठित किए गए हो, ये सारे संगठन बाहरी आर्थिक सहायता पर चलते हैं, चाहें वह आर्थिक सहायता देने वाले देशी विदेशी आर्थिक सहायताकार माने फंडिंग एजेंसी हो, यां किसी उद्योग समूह का सामाजिक दायित्व निधि corporate social responsibility fund CSR हो यां सरकारी आर्थिक सहायता हो यां अन्य आर्थिक स्त्रोत हो। माने ये संगठन सदा के लिए बाहरी आर्थिक सहायता पर ही निर्भर होते हैं, परिणाम स्वरूप कुछ अपवादों को छोड़कर उन्हें आर्थिक सहायता करने वाले संस्थाओं के शर्तों पर ही चलना पड़ता है, जिससे उन्हें खुद के आदर्शों पर और रचनात्मक सृजनात्मक निती पर चलना सर्वथा असम्भव बन जाता है, परिणाम स्वरूप वे अपने असली उद्देश्यों से भटक जाते हैं। जहां जहां आर्थिक सहायता आती है वहां वहां आर्थिक दुर्व्यव...

लेख- पद्मश्री डॉक्टर सुभाष पालेकर

 पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर व्हाट्स एप नं 9850352745 ता 21 सितंबर 2023 विषय ... आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भारतीय गो संस्कृति का महत्व साथियों और बहनों, प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति भारतीय देशी गो केन्द्रित रही है, क्यों कि भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता पुरातन काल में कृषि प्रधान थी,आज भी है और भविष्य में भी रहेगी, यह सुस्पष्ट पारदर्शक वास्तविकता हैं। बिना सजीव एवं उर्वरा भूमि के  कृषि संस्कृति पुरी तरह असंभव है। भुमि को सजीव एवं उर्वरा बनाने में देशी भारतीय गोमाता Bos indicus के ताजा गोबर की सर्वश्रेष्ठ एवं एकमात्र भूमिका है, उसका कोई विकल्प नहीं है।‌ क्यों कि भारतीय गोमाता के एक ग्राम गोबर में कम-से-कम 300 करोड़ उपयुक्त सूक्ष्म जीवाणूओं की संख्या होती है, जिन्हें ईश्वर ने भुमि में हयुमस निर्मिती के द्वारा भूमि को सजीव एवं उर्वरा बनाने के लिए भेजा है। ईश्वर ने गोमाता के द्वारा जीवाणूओं के जैवविविधता से संपन्न ऐसा सिर्फ ताजा गोबर भेजा है, लेकिन गोमाता ने अपने द्वारा गोबर खाद नहीं भेजा, रासायनिक खाद नहीं भेजा, कंपोस्ट खाद या वर्मी कंपोस्ट नहीं भेजा,बायोडायनैमिक खाद नहीं भेजा, ...

लेख- अश्विनी कुमार उपाध्याय

 विश्व का सबसे बड़ा झूठ यह है कि सिंधु से हिंदू और हिंदू से हिंदुस्तान बना. सच्चाई यह है कि हिंदू का उल्लेख वेद में है। "ऋग्वेद" के "ब्रहस्पति अग्यम" में हिंदू शब्द का उल्लेख है:- हिमालयं समारभ्य, यावद् इन्दुसरोवरं । तं देवनिर्मितं देशं, हिन्दुस्थानं प्रचक्षते । अर्थात : हिमालय से इंदु सरोवर तक देव निर्मित देश को हिंदुस्तान कहते हैं। वेद में ही नहीं बल्कि शैव ग्रंथ में भी हिंदू शब्द का उल्लेख है:   हीनं च दूष्यतेव् हिन्दुरित्युच्च ते प्रिये। अर्थात जो अज्ञानता हीनता का त्याग करे उसे हिंदू कहते हैं "कल्पद्रुम" में लिखा है : हीनं दुष्यति इति हिन्दूः । अर्थात जो अज्ञानता और हीनता का त्याग करे वह हिंदू हैं "पारिजात हरण" में लिखा है : हिनस्ति तपसा पापां दैहिकां दुष्टं । हेतिभिः श्त्रुवर्गं च स हिन्दुर्भिधियते । अर्थात जो अपने तप से शत्रुओं और दुष्टों का नाश करे वह हिंदू है । "माधव दिग्विजय " में लिखा है : ओंकारमन्त्रमूलाढ्य पुनर्जन्म द्रढ़ाश्य: । गौभक्तो भारत: गरुर्हिन्दुर्हिंसन दूषकः । अर्थात जो "ओमकार" को ईश्वरीय धुन माने, कर्मों...

हिंदू होने का अर्थ

  हिंदू का अर्थ हिंदू शब्द का अर्थ धर्म के रुप में बताया जाय या सम्प्रदाय के रुप में, लेकिन इसका इतिहास बहुत पुराना होते हुए भी इस शब्द के अर्थ की पहचान मात्र एक भूगोल पर हीं आधारित है। आज के प्रचलित किसी भी धर्म के इतिहास से हिंदू का इतिहास ज्यादा पुराना है। हिंदू के ज्ञात इतिहास पर गौर करें तो , यह शब्द लगभग आज से 3000 ( तीन हजार) वर्ष पहले का मालूम होता है। हिंदू धर्म या सम्प्रदाय की जड़ में मुख्यतः अखण्ड भारत के भूगोल और उसके इतिहास के साथ साथ सनातन परम्परा और विश्वास भी निवास करती है। ज्ञात साक्ष्य और तथ्यों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि हिंदू शब्द की उत्पति पन्द्रह सौ ईसा पूर्व से तेईस सौ ईसा पूर्व की सनातन सभ्यता-संस्कृति के आधार पर हुई थी। इस तरह से आज दुनिया के किसी भी अन्य प्रचलित धर्म से भी ज्यादा पहले का इतिहास हिंदू का हीं ज्ञात होता है। वास्तव में हिंदू को भले हीं आज एक धर्म के रुप में मान लिया गया हो लेकिन यह भारत में जितने भी धर्म हैं सबको अपना मानने और आदर देने के लिए भी जाना जाना चाहिए। क्योंकि हिंदू भले हीं आज एक धर्म के रुप में जाना जाता है, लेकिन यह वा...

अब चांदा मामा बहुत दूर के नहीं,बस एक टूर के होंगे !

  चांदा मामा बहुत दूर के नहीं,बस एक टूर के होंगे !   भारत को ऋषि, मुनियों का देश कहा जाता रहा है। लेकिन ऋषि, मुनियों की पहचान के साथ साथ उनके बारे में आम लोगों की समझ भी समय के साथ साथ बदलते रही है। ऐसा नहीं है कि भारत में अब कोई भी ऋषि, मुनि नहीं बचे हैं। आज भी कई ऐसे ऋषि, मुनि हैं जो हमारे बहुप्रचलित समाज और सामाजिक मान्यता से दूर किसी किसी गुफे या किन्हीं कंदराओं में अपनी तपस्या में लगे हुए हैं।   बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो हमारे बीच हमारे समाज में रहते हुए हीं हमारे बहुप्रचलित सामाजिक मान्यताओं के आधार पर अपने आप को ऋषि,मुनि बताते हैं। ऐसा नहीं है कि ये सब स्थिति पहले के जमाने में नहीं थी। प्राचीन काल से हीं ऋषि, मुनियों के भी कई प्रकार को हम देखते और समझते रहे हैं।   आज अगर हम इसरो या अन्य वैज्ञानिकों के जीवन और दिनचर्याओं को समझने की कोशिश करें तो यह बात भी कहीं न कहीं उसी परम्परा को आगे बढ़ाने वाली एक कड़ी के रुप में प्रतीत होगी। बस इस बात को समझने के लिए एक सटीक समझ और पूर्वाग्रह तथा भेदभाव रहित एक सही नजरिये को भी विकसित करने एवं जन्म देने की भी आ...

PM Modi के जन्मदिन पर हनुमानजी से उनके दीर्घायु होने की कामना की गई

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर संजय चोपड़ा ने सर्वजनि के तौर पर हनुमान चालीसा का पाठ कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु की कामना की। हरिद्वार 17 सितंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 73 वे जन्म दिवस के अवसर पर पूर्व मंडी अध्यक्ष भाजपा नेता संजय चोपड़ा की अगवाई में अलकनंदा घाट पर हनुमान जी की विशेष पूजा अर्चना कर सार्वजनिक तौर पर साथियों सहित हनुमान चालीसा का पाठ कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु की कामना की। इस अवसर पर पूर्व मंडी अध्यक्ष भाजपा नेता संजय चोपड़ा ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का सर्वज्ञ विकास हो रहा है जिस प्रकार से असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए विश्वकर्म योजना का शुभारंभ किया गया है विश्वकर्म योजना के तहत आने वाले असंगठित क्षेत्र के कामगार श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा वह आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्थानीय बैंकों से केंद्र और राज्य सरकार के संरक्षण में बिना गारंटी के लोन योजना से जोड़ा जाना हर्ष का विषय है संजय चोपड़ा ने बजरंगबली से कामना की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को और ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए स्वस्थ रहकर...

17 September

 पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर व्हाट्स एप नं 9850352745 ता 17 सितंबर 2023 साथियों और बहनों, प्राचीन भारतीय गोवंश केंद्रित संस्कृति अब नकली बुद्धिमत्ता संचालित स्वयंचालित यंत्र (artificial intelligence guided automatic robot machine ) केंद्रित विकृति बन गई है। मानवी संसाधनों को आधार देने के लिए आई यह भस्मासुर यांत्रिक मानवी संस्कृति अब ईश्वर देय असीमित सृजनशील कुशल मानवी संसाधनों की जगह लेकर पुंजी केंद्रित साहुकारी पाश्चात्य अप्राकृतिक अवैज्ञानिक शोषणकारी अर्थ विचारों को पुरे दुनिया पर प्रस्थापित करने हेतु मानव के नवनिर्माण करने के सृजनात्मक कौशल एवं सर्वश्रेष्ठ प्रज्ञा को नष्ट करने की ओर तेजी से अग्रसर हो रही है। यह संकट वैश्विक तापमान वृद्धि और जल वायु परिवर्तन से भी भयावह है। अगर इसको रोका नहीं गया तो मानवी सभ्यता की जगह यांत्रिक सभ्यता लेकर मानवी सभ्यता को सदा के लिए लुप्त होने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता। इस महाभयावह संकट को रोकने का कार्य सिर्फ वह जन आंदोलन कर सकता है,जो जाती पंथ धर्म राजनीति और विचारधारा से उप्पर उठकर भारतीय बौद्धिक संपदा को एकत्रित लाकर उसे इस दिशा में कार्य...

NASVI News Haridwar

 हरिद्वार 13 सितंबर फुटपाथ के कारोबारी रेडी पटरी के स्ट्रीट वेंडर्स लघु व्यापारियों के सामूहिक मात्र संगठन लघु बार एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा द्वारा संगठन का विस्तार करते हुए नगर निगम क्षेत्र की सभी इकाइयों के चुनाव प्रक्रिया  प्रारंभ कर ज्वालापुर पुल जटवाड़ा  तृतीय वेंडिंग जोन इकाई का गठन करते हुए सर्वसम्मति से अध्यक्ष जय भगवान महामंत्री विजेंद्र चौधरी उपाध्यक्ष अरुण अग्रवाल कोषाध्यक्ष मोहम्मद कामिल संगठन मंत्री विजयपाल चुन्नू सदस्य  पंकज   केश्वर हसन अंसारी प्रमोद कुमार धर्मपाल सिंह मोहम्मद कुर्बान संरक्षक तस्लीम अहमद धर्मपाल कश्यप को नियुक्त किया । नियुक्त किए गए सभी पदाधिकारियों को प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा द्वारा फूल माला पहनाकर उत्साह वर्धन किया ।  इस अवसर पर लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने कहा हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र में रेडी पटरी के स्ट्रीट वेंडर्स लघु व्यापारी काफी तादात में फुटकर फ्रूट सब्जी इत्यादि आबादी के क्षेत्र को रोजमर्रा की वस्तु  उपलब्ध कराने के लिए आत्मनिर्भर रहकर अपने परिवार की जीविका ...

हमें दुनिया के लिए विकल्प तैयार करना होगा

 पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर व्हाट्स एप नं 9850352745 ता 12 सितंबर 2023 विषय ... पाश्चात्य अर्थव्यवस्था की नौका डुब रही है, हमें विकल्प देना होगा। साथियों और बहनों, अप्राकृतिक अवैज्ञानिक पाश्चात्य विकास progress का शोषणकारी विध्वंसक माॅडेल जब किसी देशके अर्थ व्यवस्था के सकल घरेलू उत्पाद gross domestic production GDP को ऊंचाई पर ले जाता है और गिने चुने लोगों को दुनिया के सबसे अमीरों के सूची में शामिल करता है, तब, उसी समय वही विकास का माॅडेल आम आदमी की प्रति व्यक्ति आय को निम्न स्तर पर लाता हैं। इसका अर्थ है कि यह पाश्चात्य विकास अमीरों को और अमीर बनाता है और गरीबों को और गरीब बनाता है। यह उस माॅडेल का दोष नहीं है, यह दोष उस व्यवस्था system का है, जिसके हाथ में इस पाश्चात्य विकास की डोर है। भारत आज दुनिया की अमेरिका चायना जापान और जर्मनी के बाद पांचवीं श्रेष्ठ अर्थव्यवस्था हैं, यह निश्चित रूप से देश के लिए असीम गौरव की बात है। लेकिन आज भारत निवासी आम आदमी के प्रति व्यक्ति वार्षिक आय में दुनिया के सभी देशों में भारत देश 142 वे नंबर पर खडा है। यह बात चिंतनीय है। इसका अर्थ यह है कि भारत के...

Haridwar News

 अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर लघु व्यापारियों ने किया सहायक नगर आयुक्त का घेराव। हरिद्वार नगर निगम प्रशासन द्वारा चिन्हित किए गए सभी वेंडिंग जोन विकसित किए जाने को लेकर लक्ष्य निर्धारित करें नगर निगम प्रशासन: संजय चोपड़ा हरिद्वार 11 सितंबर, फुटपाथ के कारोबारी रेडी पटरी के (स्ट्रीट वेंडर्स) लघु व्यापारियों के सामूहिक  एकमात्र संगठन लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा के नेतृत्व में लघु व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि तुलसी चौक से इकट्ठा होकर अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर जुलूस के रूप में प्रदर्शन कर नारेबाजी करते हुए फेरी समिति प्रभारी अधिकारी, सहायक नगर आयुक्त श्याम सुंदर प्रसाद का घेराव कर अपनी न्याय संगत मांगों को दोहराया। इस अवसर पर लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने कहा उत्तराखंड सरकार के निर्देशन में नगर निगम प्रशासन द्वारा कोविड-19 के दौरान प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लाभार्थी रेड़ी पटरी के लघु व्यापारियों को 10,000 की दी जाने वाली राशि मे अति पारदर्शिता बरती जानी चाहिए और नगर निगम प्रशासन द्वारा जो तीन वेडिंग जोन विकसित किए गए ह...

Haridwar News

 प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा द्वारा नियुक्त किए गए जिला अध्यक्ष राजकुमार एंथोनी सहित समस्त कार्यकारिणी का किया गया भव्य स्वागत हरिद्वार,रेडी पटरी के स्ट्रीट वेंडर्स लघु व्यापारियों के सामूहिक संगठन लघु व्यापार एसोसिएशन क्षेत्रीय इकाई सेक्टर टू बैरियल अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सरकार  के संयोजन में  sector2 बेरियल के चौक में अभिनंदन समारोह आयोजित कर प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा द्वारा नियुक्त किए गए जिला अध्यक्ष राजकुमार एंथनी व समस्त जिला कार्यकारिणी का भव्य कार्यक्रम आयोजित कर अभिनंदन किया गया.  सभी जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के अभिनंदन के उपरांत सामूहिक रूप से निर्णय लिया गया 11 सितंबर दिन सोमवार को सभी पंचपुरी के रेडी पटरी के लघु व्यापारी नगर निगम प्रशासन द्वारा चयनित किए गए वेंडिंग जोन के निर्माण और सरकार द्वारा  प्रधानमंत्री  स्वनिधि योजना के तहत दी जाने वाली 10000 की अनुदान राशि में नगर निगम सिटी मेंशन विभाग द्वारा की जा रही लापरवाही के विरोध में नगर निगम के उच्च अधिकारियों के घेराव किए जाएंगे ।  इस अवसर पर लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रांतीय अध्...

इंडिया बनाम भारत

 इंडिया बनाम भारत : कौन स्वदेशी कौन विदेशी? हमारे देश का नाम भारत है या हिंदुस्तान या इंडिया है या आर्यावर्त या जम्बूद्वीप? यह हमेशा से बहस का मुद्दा रहा है। फिलहाल बहस सिर्फ दो नाम पर केंद्रित हो गई है- इंडिया और भारत। संविधान में लिखा है "इंडिया दैट इज भारत"। संविधान में हिंदी प्रस्तावना की शुरुआत होती है "हम भारत के लोग" जबकि अंग्रेजी में जो प्रस्तावना है, उसकी शुरुआत होती है, "वी द पीपल ऑफ इंडिया"। इसी वजह से पूरी बहस के केंद्र में है इंडिया और भारत। भारत का नाम भारत क्यों है, इसके पीछे कई तथ्य हैं। जैन संप्रदाय के लोग कहते हैं कि इस देश का नाम ऋषभदेव के बेटे भरत के नाम पर भारत पड़ा और इसका वर्णन मिलता है विष्णु पुराण में। विष्णु पुराण के अंश दो के अध्याय एक के श्लोक संख्या 28 से 31 तक में इस बात का वर्णन है। 32वां श्लोक कहता है कि: ततश्च भारतं वर्षमेतल्लोकेषु गीयते भरताय यत: पित्रा दत्तं प्रातिष्ठता वनम् अर्थात पिता ऋषभदेव ने वन जाते समय अपना राज्य भरत जी को दे दिया था और तब से यह यह देश भारतवर्ष के नाम से प्रसिद्ध हुआ। लिंग पुराण में भी श्लोक है: सोभ...

पद्मश्री सुभाष पालेकर

 पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर व्हाट्स एप नं 9850352745 ता .7 सितंबर 2023 शाम  साथियों और बहनों, जो पाश्चात्य भोगवादी जीवन शैली से और पाश्चात्य अप्राकृतिक अवैज्ञानिक हरित क्रांति एवं जैविक खेती से खुद की होने वाली लूट शोषण चूपचाप अज्ञान वश होने देता है, होते हुए चूपचाप सहन करता है,उस ग्रामीण क्षेत्र के ग़ुलाम मानव समूह को भारत कहते है ....और जो ग्रामीण क्षैत्र के समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों के और मानवी संसाधनों के शोषण एवं लूट पर खडा है वह इंडिया है। ......जो खेती में  हर साल घाटा सहन करके, खुद की आत्महत्या स्वीकार करके एवं ख़ुद भूका रहकर अपना सामाजिक दायित्व समझकर शहरी लोगों की भूक मिटाता है, वह भारत है ...जो छटे सातवें वेतन आयोग के माध्यम से,बेपार के माध्यम से और आय टी के माध्यम से मिलने वाले आवश्यकता से कई गुना ज्यादा पैसे अपने जेबों में भरकर भी हर वस्तु और अनाज फल सब्जियां सस्ते में चाहता है, महंगाई महंगाई का जाप करके अपने स्वार्थ को समृद्ध करता है ,उन लोगोंके निवासी शहरी क्षेत्र को इंडिया कहते हैं।....यह ग्रामीण भारत आज भी भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता को संरक्षित करके उसे जी ...