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मोबाइल बन चुका है सबसे बड़ी एडिक्शन

रिश्तों को सुधारने के लिए आत्मिक भाव जरूरी -  बीके शिवानी - ब्रह्माकुमारीज़ के तीन दिवसीय व्यापार और उद्योग प्रभाग के राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन - व्यापार के लिए आध्यात्मिक समाधान विषय पर हुआ आयोजन - सम्मेलन में 1500 से भी अधिक लोगों ने की शिरकत 24 मार्च 2025, गुरुग्राम भोराकलां स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में व्यापार एवं उद्योग प्रभाग के तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हुआ। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में सुप्रसिद्ध प्रेरक वक्ता बीके शिवानी ने सभा को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि रिश्तों को सुधारने के लिए आत्मिक भाव जरूरी है। क्योंकि धन भी तभी सुख देता है, जब सम्बन्ध अच्छे हों। उन्होंने कहा कि बोल से ज्यादा प्रभाव संकल्पों का पड़ता है। दूसरों के लिए अच्छा सोचने से पहले उसका अच्छा प्रभाव हमारे ही मन पर पड़ता है। - शुद्ध एवं सकारात्मक संकल्पों से आता है संबंधों में परिवर्तन बीके शिवानी ने कहा कि हमें अपने अंदर सिर्फ अच्छाई को ही रिकॉर्ड करना है। जैसा हम सोचते हैं, वैसे ही वाइब्रेशन बनते हैं। वाइब्रेशन से वायुमंडल बनता है। शुद्ध एवं सकारात्मक संकल्पों से ही संब...

व्यापारियों एवं उद्यमियों के लिए तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारम्भ

- आध्यात्मिकता प्रकट करती है जीवन के प्रति एक उच्च दृष्टिकोण - अनीता शाह अकेला - धन कमाना बड़ी बात नहीं, लेकिन दुआएं कमाना है सबसे बड़ी बात - आशा दीदी - व्यापारियों एवं उद्यमियों के लिए तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारम्भ - ब्रह्माकुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में हुआ आयोजन 22 मार्च 2025, गुरुग्राम ब्रह्माकुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में संस्था के व्यापार एवं उद्योग प्रभाग द्वारा तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारम्भ हुआ। दादी प्रकाशमणी सभागार में व्यापार के लिए आध्यात्मिक समाधान विषय पर सम्मेलन की दीप प्रज्वलित कर शुरुआत की गई। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की संयुक्त सचिव अनीता शाह अकेला ने विशेष अतिथि अपना वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता का सम्बन्ध किसी धर्म से नहीं बल्कि जीवन के प्रति उच्च दृष्टिकोण से है। उन्होंने कहा कि एक अच्छा व्यवसाय वही है जिसमें आर्थिक उन्नति के साथ नैतिक मूल्यों का भी समावेश हो। ओम शांति रिट्रीट सेंटर की निदेशिका राजयोगिनी आशा दीदी ने कहा कि धन कमाना बड़ी बात नहीं है लेकिन दुआएं कमाना बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि धन कमाने के पीछे ...

विश्व महिला दिवस के उपलक्ष में नेतृत्व कला के विकास विषय पर हुआ संवाद

 - महिलाएं जितनी सशक्त होंगी, उतना ही सशक्त होगा परिवार - बीके दीप्ति - आध्यात्मिक मूल्य ही देते हैं लीडरशिप क्वालिटी को जन्म - विश्व महिला दिवस के उपलक्ष में नेतृत्व कला के विकास विषय पर हुआ संवाद - ब्रह्माकुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में हुआ एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन 7 मार्च 2025, गुरुग्राम ब्रह्माकुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में महिला दिवस के उपलक्ष में नेतृत्व कला के विकास पर एक संवाद का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं की भूमिका पर विशेष चर्चा हुई। साउथ अफ्रीका स्थित ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेंद्र प्रभारी राजयोगिनी दीप्ति दीदी ने कहा कि महिला दिवस मनाने का लक्ष्य मातृत्व गुणों को जगाना है। नारी शक्ति का सूचक मानी जाती है। महिलाएं जितनी सशक्त होंगी, उतना ही परिवार सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक शक्ति इसका सहज माध्यम है। आध्यात्मिकता कोई अलग नहीं है। हम स्वयं ही एक आध्यात्मिक शक्ति हैं। स्वयं को समझना ही आध्यात्मिकता है। आत्मा की शुद्धता ही आध्यात्मिक मूल्यों का संचार करती है। आध्यात्मिक मूल्य ही लीडरशिप क्वालिटी को जन्म देते हैं। आध्यात्मिकता वो ऊर्जा है जिससे ...