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नवंबर, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

स्वयं को जिम्मेवार समझने से ही होता है परिवर्तन करना आसान - बीके शिवानी

-  स्वयं को जिम्मेवार समझने से ही होता है परिवर्तन करना आसान - बीके शिवानी   जब हम दूसरों को दोषी ठहराते हैं तो अपनी पॉवर को कम कर देते हैं। दुखी हम खुद के विचारों से ही होते हैं। स्वयं के विचारों के निर्माता हम स्वयं हैं।  उक्त विचार 26 नवम्बर 2023 को गुरुग्राम में सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर बीके शिवानी ने ब्रह्माकुमारीज के भोराकलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में व्यक्त किए।  सेना एवं सुरक्षा बलों के अधिकारियों तथा जवानों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दूसरों को दुआ देने से हमारी पॉवर बढ़ती है।  इंस्पिरेशनल लीडरशिप एंड सेल्फ एंपावरमेंट विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जितनी ही पॉवर आती है, उतनी ही पॉजिटिविटी बढ़ती है।  इसलिए अपनी स्थिति के लिए स्वयं को जिम्मेवार समझें। जितना हम स्वयं को जिम्मेवार समझते हैं, उतना ही हम स्वयं को परिवर्तन कर पाते हैं।  कोस्ट गार्ड के महानिदेशक राकेश पाल ने मुख्य अतिथि के रूप में सभा को सम्बोधित किया। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में बोलते हुए उन्होंने कहा कि काफी समय से वो ब्रह्माकुमारीज के सम्पर्क में हैं।  उन...

आलोक कुमार तिवारी का एक परिचय

  आलोक कुमार तिवारी का एक परिचय आलोक कुमार तिवारी एक प्रशिक्षित सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार हैं। जिनका जन्म बिहार राज्य के पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया में 4 मार्च 1984 को हुआ था। जब आलोक कुमार तिवारी दसवीं कक्षा में थे , तभी इनके पिता डॉक्टर लक्ष्मीकांत तिवारी का देहांत हो गया। इनके माता का भी देहांत हो चुका है। आलोक कुमार तिवारी दो भाई में छोटे हैं जबकि इनकी एक बहन भी है जो इनसे छोटी है। आलोक कुमार तिवारी के बड़े भाई नीरज कुमार तिवारी एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी में प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। आलोक कुमार तिवारी के बड़े भाई की शादी 2006 में हुई और इनके छोटी बहन की शादी 2013 में हुई। आलोक कुमार तिवारी ने स्वयं शादी नहीं करने का फैसला लिया है। क्योंकि इनका मानना है कि शादी एक ऐसा बंधन होता है जिसमें फंसकर व्यक्ति परिवार के बंधनों से आगे बढ़कर बाहर के लोगों की भला बहुत हद तक नहीं कर पाता है। आलोक कुमार तिवारी की शिक्षा शिक्षा के बारे में बात करें तो जब ये दसवीं में थे तभी इनके पिता का देहांत हो गया। जिसके बाद इन्होंने मोतिहारी के मुंशी सिंह महाविद्यालय से जीव विज्ञान में मध...

ओम हमें स्वयं से परिचित कराता है।

 मन की शांति के लिए आध्यात्मिकता ही एक मात्र उपाय भारतीय सेना एवं सुरक्षा बलों के अधिकारियों तथा जवानों के लिए हुआ नेशनल डायलॉग का शुभारम्भ  ब्रह्माकुमारीज के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में हुआ कार्यक्रम  संस्थान के सुरक्षा सेवा प्रभाग ने किया आयोजन 25 नवम्बर 2023, गुरुग्राम ब्रह्माकुमारीज विश्व शान्ति के लिए अद्भुत कार्य कर रही है। उक्त विचार उत्तर प्रदेश, अग्निशमन के महानिदेशक अविनाश चन्द्र ने व्यक्त किए।  ब्रह्माकुमारीज के भोराकलां स्थित ओम शान्ति रिट्रीट सेंटर में आयोजित कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उन्होंने ये बात कही।  इस अवसर उन्होंने प्रेरणादाई नेतृत्व एवं स्व-सशक्तिकरण विषय पर भारतीय सेना एवं सुरक्षा बलों के अधिकारियों तथा जवानों को सम्बोधित किया।  उन्होंने कहा कि वर्तमान समय मन को शांत और स्थिर बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। वैश्विक स्तर पर हो रहे युद्ध यही दर्शाते हैं कि मानव अशांति के भंवर में फंसा हुआ है।  मानव चाहे कितना भी धन कमा ले, मान-शान और प्रतिष्ठा प्राप्त कर ले लेकिन शान्ति के बगैर सब बेकार है। मन की ...

गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करे सरकार

हरि ओम जय गौ माता की आओ मिलकर आवाज़ उठाएं गौ हत्या बंद हो गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करें सरकार 20 नवंबर 2023 चलो रामलीला मैदान दिल्ली गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलवाने  अधिकतर घरों में  यह दो प्रश्न अवश्य पूछते हैं जब दीपावली भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास से अयोध्या लौटने की खुशी में मनाई जाती है तो दीपावली पर लक्ष्मी पूजन क्यों होता है? राम और सीता की पूजा क्यों नही?    दूसरा यह कि दीपावली पर लक्ष्मी जी के साथ गणेश जी की पूजा क्यों होती है, विष्णु भगवान की क्यों नहीं?  इन प्रश्नों का उत्तर अधिकांशतः नहीं मिल पाता और जो मिलता है उससे संतुष्ट नहीं हो पाते।आज की शब्दावली के अनुसार कुछ ‘लिबरर्ल्स लोग’ युवाओं और बच्चों के मस्तिष्क में यह प्रश्न डाल रहें हैं कि लक्ष्मी पूजन का औचित्य क्या है, जबकि दीपावली का उत्सव राम से जुड़ा हुआ है। कुल मिलाकर वह बच्चों का ब्रेनवॉश कर रहे हैं कि सनातन धर्म और सनातन त्यौहारों का आपस में कोई तारतम्य नहीं है।सनातन धर्म बेकार है।आप अपने बच्चों को इन प्रश्नों के सही उत्तर बतायें।    दीपावली का उत्सव दो युग, सतयुग और ...

SPK क्या है

 पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर व्हाटस एप नं 9850352745 Email id... palekarsubhash@yahoo.com विषय....सजन रे झूठ मत बोलो, खुदा के पास जाना है, सुभाष पालेकर कृषि को प्राकृतिक कृषि Natural farming कहते हो, सुभाष पालेकर कृषि को फुकुओका प्राकृतिक कृषि कहते हो, सुभाष पालेकर कृषि को गो आधारित खेती कहते हो,......   ..सौ प्रतिशत विदेशी होने वाले विनाशकारी विध्वंसक अप्राकृतिक अवैज्ञानिक होने वाले, वैश्विक तापमान वृद्धि और जल वायु परिवर्तन को बढ़ावा देने वाले, भुमी की उर्वरा शक्ति को नष्ट करने वाले और किसानों का कई गुना ज्यादा शोषण करने वाले जैविक खेती organic farming को स्वदेशी कहते हो, उसके प्रचार के संस्थान खोलते हो,..... सौ प्रतिशत झूठ बोलते हो, देश को गुमराह करते हो, न तुम्हें संविधान का डर है, न सभ्यता की लज्जा है और न भगवान का डर है। सत्यवादी एकवचनी प्रभू रामचंद्र जी के महान भारत में झूठ बोलना महापाप है, झूठ बोलना असत्य वचन सत्यवादी प्रभू रामचंद्र जी से कियी बगावत है, अभी तो आंखें खोलो,सजन रे झूठ मत बोलो। परम आदरणीय साथियों और बहनों,             ...