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हर रविवार को चलनेवाली श्रृंखला बद्ध लेख मालिका

 पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर  व्हाट्स एप 9850352745 ता 19 अक्टूबर 2025 रविवार  हर रविवार को चलनेवाली श्रृंखला बद्ध लेख मालिका .... लेख क्रमांक 16  विषय ... फसलों के जड़ों को सभी खाद्य तत्वों की उपलब्धता मानव के उपस्थिति के बिना होने वाली ईश्वर निर्मित स्वयं विकासी स्वयं पोशी आत्मनिर्भर व्यवस्था में देशी गोमाता एवं देशी गोवंश और देशी कैंचवो की क्या भूमिका है?. साथियों और बहनों, हम जो जीवन जी रहे हैं वह हमारा ईश्वर देय असली जीवन नही है, ईश्वर निर्मित आध्यात्मिक व्यवस्था के विरोध में हम मानव निर्मित बौद्धिक आतंक वाद ने हमपर थोपा हुआ नकली झूठा नास्तिक जीवन जी रहे हैं। हम इस बौद्धिक आतंक वाद के पूर्व नियोजित शिकार हैं। और आश्चर्य की बात यह है कि हम इस नकली मायावी नास्तिक जीवन को ही असली आध्यात्मिक जीवन मान रहे है। कैसे? यह हम विगत तीन लेखों से समझ रहे हैं। आज का चौथा, कुल मिलाकर 16  वा लेख उसी विषय को आगे ले जा रहा है। पिछले लेख क्रमांक 15 में आप ने मेरा सिद्धांत, जो मैने दुनिया के तमाम दार्शनिकों के दर्शन के ठीक विरोध में वैज्ञानिक कसौटियों सिद्ध किया है, .....कोई भी ख...

सांस - 22 वर्ष की उम्र में 1956 में पहली बार ब्रह्माकुमारीज़ के संपर्क में आए

ब्रह्माकुमारीज़ के महासचिव 92 वर्षीय राजयोगी बृजमोहन भाई नहीं रहे - दिल्ली मानेसर के निजी हॉस्पिटल में 9 October 2025 को सुबह 10.25 बजे ली अंतिम सांस - 22 वर्ष की उम्र में 1956 में पहली बार ब्रह्माकुमारीज़ के संपर्क में आए - 1973 से पूर्ण रूप से समर्पित होकर दे रहे थे सेवाएं - 12 अक्टूबर को आबूरोड मुक्तिधाम में होगा अंतिम संस्कार आबूरोड (राजस्थान)। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के महासचिव 92 वर्षीय राजयोगी बृजमोहन भाई नहीं रहे। उन्होंने गुरुवार को दिल्ली मानेसर के एक निजी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान सुबह 10.25 बजे अंतिम सांस ली। वह पिछले एक वर्ष से बीमार चल रहे थे। पहले उनका इलाज माउंट आबू स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल और फिर अहमदाबाद में चल रहा था। उनकी पार्थिव देह को 9 और 10 अक्टूबर को गुरुग्राम स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में दर्शनार्थ रखा गया है। वहीं 12 अक्टूबर को आबूरोड मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार होगा। एक वर्ष पूर्व राजयोगी निर्वैर भाई के निधन के बाद आपको महासचिव नियुक्त किया गया था। इसके पहले आप अतिरिक्त महासचिव के रूप में सेवाएं दे रहे थे। वर्तमान में आप संस्थान के मुख्य प्रवक्ता और राजनीतिज्ञ...

बुजुर्गों के सकारात्मक विचार ही घर-परिवार के लिए सुरक्षा कवच - आशा दीदी

ब्रह्माकुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में मनाया अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस - संगम - गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन अभियान के तहत हुआ कार्यक्रम गुरुग्राम, 1 अक्टूबर 2025 ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के भोराकलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम संगम - गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन अभियान के तहत हुआ। संस्थान के समाज सेवा प्रभाग द्वारा अभियान की शुरुआत 17 अगस्त को भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने की थी। इस अवसर पर ओआरसी की निदेशिका राजयोगिनी आशा दीदी ने कहा कि वृद्धावस्था संतुष्टता की आयु है। इस आयु में कोई इच्छाएं नहीं रह जाती। वृद्धावस्था सिर्फ दाता पन की है। उन्होंने कहा कि वृद्ध अवस्था में साक्षीभाव बहुत जरूरी है। बुजुर्गों का असली कार्य केवल उमंग-उत्साह बढ़ाना है।  बुजुर्गों की वाणी वरदानी होती है। बुजुर्गों के सकारात्मक विचार घर-परिवार के लिए सुरक्षा कवच बन जाते हैं। बुजुर्ग कभी भी स्वयं को अकेला न समझें। बुजुर्ग परिवार के आधार हैं। बुजुर्ग घर की शान है...