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मई, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

PM Modi द्वारा स्वदेशी के आह्वान का कितना असर

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा "स्वदेशी" पर जोर देने की बात का असर कई स्तरों पर देखने को मिल सकता है — आर्थिक, सामाजिक, और राजनीतिक। इसके कुछ प्रमुख प्रभाव निम्नलिखित हो सकते हैं: 1. आर्थिक असर: स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा: स्वदेशी पर जोर देने से छोटे और मध्यम उद्योग (MSMEs), कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प, और स्थानीय उत्पादकों को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। आत्मनिर्भर भारत (Aatmanirbhar Bharat): यह अभियान विदेशी वस्तुओं की जगह घरेलू वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देता है, जिससे भारत की आयात पर निर्भरता कम हो सकती है और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकती है। स्टार्टअप्स और इनोवेशन: सरकार की "मेक इन इंडिया" जैसी पहलें नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को आगे बढ़ा सकती हैं, जिससे देश के भीतर नई तकनीक और उत्पादन बढ़ेगा। 2. सामाजिक असर: राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक गर्व: स्वदेशी अपनाने की बात से लोगों में देशभक्ति और सांस्कृतिक गर्व की भावना प्रबल हो सकती है। यह जनता को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करता है। उपभोक्ता मानसिकता में बदलाव: लोग विदेशी ब्रांड्स की बजाय भारती...

PM Modi Retirement के बाद क्या करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक सार्वजनिक रूप से यह साफ़ नहीं कहा है कि वे रिटायरमेंट के बाद क्या करेंगे। लेकिन कुछ इंटरव्यू और भाषणों में उन्होंने इशारों में कुछ बातें कही हैं, जो उनके भविष्य की संभावित योजनाओं की झलक देती हैं: 1. आध्यात्म की रुचि: मोदी जी ने कई बार कहा है कि उन्हें हिमालय और साधु-संन्यासियों के जीवन में रुचि है। उन्होंने यह भी बताया है कि युवावस्था में वे कुछ समय हिमालय में भी रहे थे। इससे संकेत मिलता है कि रिटायरमेंट के बाद वे किसी आध्यात्मिक जीवन की ओर लौट सकते हैं। 2. लेखन कार्य: मोदी जी कई किताबें लिख चुके हैं, जैसे "एग्जाम वॉरियर्स" (छात्रों के लिए), और उन्होंने कविता लेखन भी किया है। संभव है कि रिटायरमेंट के बाद वे लेखन या साहित्यिक गतिविधियों में अधिक समय दें। 3. जन सेवा की भावना: वे बार-बार यह भी कहते रहे हैं कि उनका जीवन राष्ट्र सेवा को समर्पित है। ऐसे में यह भी संभव है कि रिटायरमेंट के बाद वे किसी सामाजिक या शैक्षिक मिशन से जुड़ें। फिलहाल, वे सक्रिय राजनीति में हैं और 2024 के चुनाव के बाद भी प्रधानमंत्री पद पर बने हुए हैं। जब वे रिटायर होंगे और...

प्रकृति के साधनों का उतना ही उपयोग करें जितना आवश्यक है - दिनेश लुहाच

- प्रकृति के साधनों का उतना ही उपयोग करें जितना आवश्यक है - दिनेश लुहाच - अत्यधिक सूचनाएं निर्णय शक्ति कम कर देती हैं - अदिति सिंघल - स्कूली बच्चों के लिए हुआ डिजिटल वेलनेस कार्यक्रम - ब्रह्माकुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में हुआ आयोजन - 18 से भी अधिक स्कूल्स से लगभग 2300 बच्चों ने की शिरकत 22 मई 2025, गुरुग्राम मोबाइल एवं डिजिटल दुनिया की लत ने आज बच्चों का बचपन छीन लिया है। उक्त विचार पटौदी, उप मंडल अधिकारी दिनेश लुहाच ने व्यक्त किए। बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने ब्रह्मा कुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में डिजिटल वेलनेस कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बुद्धिमान व्यक्ति वो है जो दूसरों के अनुभव से सीखता है। हमें डिजिटल चीजों का उतना ही उपयोग करना चाहिए, जितना आवश्यक है। प्रकृति ने हमें सब साधन दिए हैं। हमें उन्हें आवश्यकता के हिसाब से ही उपयोग करना है। प्रकृति के संसाधनों का दुरुपयोग प्रकृति को नुकसान पहुंचाना है। वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका राजयोगिनी विजय दीदी ने कहा कि आज के बच्चे कल का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की स्थापना में बच्चों का विशेष योगद...

गायघाट सामाजिक मंच ने लिया ऐतिहासिक निर्णय, श्री सुबोध कुमार सिंह होंगे गायघाट से विधानसभा प्रत्याशी

स्थान: गंगा गेस्ट हाउस, जीरोमाइल, मुजफ्फरपुर तिथि: 21 मई 2025 गायघाट सामाजिक मंच की एक महत्वपूर्ण व उच्चस्तरीय बैठक आज गंगा गेस्ट हाउस, जीरोमाइल (मुजफ्फरपुर) में आयोजित की गई, जिसमें मंच के केंद्रीय, ज़िला व प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति रही। बैठक की अध्यक्षता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह ने की, जो पूर्व में भी विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं और बीते पाँच वर्षों से निरंतर क्षेत्र की जनता के बीच रहकर सेवा व जनसरोकार से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। बैठक के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता को स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब समय आ गया है कि जनसेवा को प्रतिनिधित्व का स्वर मिले। इसी भावना को स्वरूप देते हुए मंच ने सर्वसम्मति से यह ऐतिहासिक निर्णय लिया कि श्री सुबोध कुमार सिंह आगामी विधानसभा चुनाव में गायघाट (88) विधानसभा क्षेत्र से संगठन के आधिकारिक प्रत्याशी होंगे। इस घोषणा के साथ ही उपस्थित कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक समर्थन व्यक्त किया और आगामी चुनाव के लिए जुट जाने...

गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के सहयोग से "10+2 टॉपर्स र्अवार्ड-2025" कार्यक्रम का आयोजन

 गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के सहयोग से "10+2 टॉपर्स र्अवार्ड-2025" कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली: गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद, उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से "10+2 टॉपर्स अवार्ड-2025" सम्मान समारोह का आयोजन 14 जून 2025 को नई दिल्ली राजघाट स्थित गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के सत्याग्रह मंडप हॉल में आयोजित किया जायेगा. इस कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर के 10वी एवं 12वी कक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित करना है. इस समारोह में विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विशेष पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र भेंट किए जाएंगे. यह पुरस्कार न केवल छात्रों की मेहनत और समर्पण को पहचान देगा, बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने और सफलता की नई ऊँचाइयों तक पहुँचने के लिए प्रेरित भी करेगा. साथ ही विद्यालय के प्रिंसिपल अर्थात भारतीय गुरुओं को भी विशेष रूप से सम्मानित किया जायेगा. इस भव्य समारोह में विभिन्न विभागों के शिक्षाविद, पत्रकार, राजनीतिक हस्तियां, उच्चा...

ब्रह्माकुमारीज दिव्यदर्शन केंद्र में स्वास्थ्य जांच शिविर का सफल आयोजन

 गुरुग्राम: ब्रह्माकुमारीज दिव्यदर्शन केंद्र में स्वास्थ्य जांच शिविर का सफल आयोजन गुरुग्राम, 3 मई (शनिवार) — सेक्टर 54 सनसिटी स्थित ब्रह्माकुमारीज दिव्यदर्शन केंद्र में शनिवार को एक व्यापक स्वास्थ्य जांच शिविर का सफल आयोजन किया गया, जिसमें 90 से अधिक लोगों ने भाग लिया। यह शिविर ब्रह्माकुमारीज, लायंस क्लब और SRWA (Suncity RWA) के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया था। शिविर का उद्देश्य स्थानीय निवासियों को नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना और समय रहते बीमारियों की पहचान सुनिश्चित करना था। इस शिविर में एक्स-रे, ब्लड प्रोफाइल, मौखिक जांच (ओरल स्क्रीनिंग), और कैंसर जांचों सहित महिलाओं एवं पुरुषों की समग्र स्वास्थ्य जांच की गई। इंडियन कैंसर सोसायटी की डॉक्टर्स टीम (Dr Susan Dental n Oral cancers, Dr Umesh Bhatnagar & Dr Kiran Kukreja) ने पूरी जिम्मेदारी के साथ परीक्षण कार्य को संपन्न किया। इस आयोजन का समग्र संचालन ब्रह्माकुमारी भावना बहन के मार्गदर्शन में किया गया, जिनकी देखरेख में सेवाधारी भाई-बहनों और स्वयंसेवकों ने सक्रिय रूप से सेवा दी। ब्रह्माकुमारीज दिव्यदर्शन केंद्र, सेक्...

पदमश्री शिवानंद महाराज जी 128 वर्ष में भी युवाओं-सा उत्साह रहा कायम

पदमश्री शिवानंद महाराज जी का ब्रह्माकुमारीज़ से रहा गहरा सम्बन्ध सदा ही विनम्रता की प्रतिमूर्ति रहे शिवानंद महाराज 128 वर्ष में भी युवाओं-सा उत्साह रहा कायम 4 मई 2025, गुरुग्राम व्यक्ति अपने श्रेष्ठ आचरण और व्यवहारिक जीवन से समाज में एक अमित छाप छोड़ देता है। एक ऐसा ही प्रभावशाली व्यक्तित्व रहा है पद्मश्री शिवानंद महाराज जी का। पद्मश्री शिवानंद महाराज जी का ब्रह्माकुमारीज़ से गहरा सम्बन्ध रहा। 128 वर्ष की आयु में देह त्याग करने वाले शिवानंद महाराज जी 2 वर्ष पूर्व संस्थान के मुख्यालय माउंट आबू भी जा चुके हैं। पिछले मास 10 अप्रैल को उनका आगमन गुरुग्राम के भोराकलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में हुआ। जहाँ उन्होंने अपने आध्यात्मिक जीवन की गहराइयों का अनुभव किया। उन्होंने अपने अनुभव में बताया कि उन्हें हर तरफ अपनापन नज़र आया। उन्होंने कहा कि यहाँ की पवित्रता उन्हें आकर्षित करती है। उन्हें लगता था कि ये उनका अपना ही घर है। ओआरसी से राजयोग शिक्षिका बीके येशु ने बताया कि उनका जीवन बहुत ही सरल एवं निर्मान था। आयु में सबसे बड़े होने के बावजूद भी वो सभी को बहुत सम्मान देते रहे। वो सदैव ही विनम्...

नशा मुक्त अभियान के तहत पटौदी के अनेक गांवों और शैक्षणिक संस्थानों में हुए कार्यक्रम

- हजारों की संख्या में लोगों ने की नशा मुक्त होने की प्रतिज्ञा - नशा मुक्त अभियान के तहत पटौदी के अनेक गांवों और शैक्षणिक संस्थानों में हुए कार्यक्रम - ब्रह्माकुमारीज़ एवं भारत सरकार के तत्वाधान में देशभर में चलाया जा रहा है अभियान 2 मई 2025, गुरुग्राम ब्रह्माकुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर के द्वारा पटौदी तहसील के अनेक गांवों एवं शैक्षणिक संस्थानों में नशा मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम हुआ। भारत सरकार एवं ब्रह्माकुमारीज़ के तत्वाधान में आयोजित अभियान के तहत लोगों को नशे से होने वाले नुकसान की जानकारी दी गई। ओआरसी के डॉ. दुर्गेश ने कहा कि कमजोर मन का व्यक्ति ही नशा करता है। उन्होंने कहा कि कई बार तो लोग शौक से नशा करते हैं। लेकिन फिर उसकी आदत पड़ जाती है। नशा सभी बीमारियों को दावत देता है। नशे का एक कारण मानसिक तनाव भी है। तनाव के कारण मानव नशे का सहारा लेता है। नशा मुक्त होने के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति जरूरी है।  बीके रेखा ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि नशा मुक्त होने के लिए आध्यात्मिक सशक्तिकरण जरूरी है। आध्यात्मिक मूल्य ही मनुष्य जीवन का श्रृंगार है। असली आनंद नशे में नहीं ब...