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अज्ञानता के अंधकार को समाप्त कर ज्ञानदीप प्रकाशित करने का प्रतीक है दीपावली

ओम शांति रिट्रीट सेंटर में बड़े हर्षोल्लास से मनाया दीपों का पावन पर्व दीपावली संस्कारों में नवीनता अर्थात दिव्यता एवं श्रेष्ठता लाना ही दिवाली का मूल उद्देश्य - बीके बृजमोहन अज्ञानता के अंधकार को समाप्त कर ज्ञानदीप प्रकाशित करने का प्रतीक है दीपावली 27 अक्टूबर 2024, गुरुग्राम ब्रह्माकुमारीज के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में दीपों का पावन पर्व दीपावली बड़े हर्षोल्लास से मनाया। दादी प्रकाशमणी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में संस्था के सैकड़ों सदस्यों ने दीप जलाकर सभी को शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में कलाकारों ने गीत एवं नृत्य के माध्यम से भी दीपोत्सव की शुभकामनाएं व्यक्त की। सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक पण्डित बृजेश मिश्रा एवं बीके रीना ने ईश्वरीय स्मृति के गीतों से सभी को प्रभु स्नेह से भर दिया। इस विशेष अवसर पर संस्था के उच्च पदाधिकारियों ने अपने भावपूर्ण शब्दों से शुभकामनाएं प्रदान की। साथ ही सभी को जीवन में श्रेष्ठ परिवर्तन की प्रेरणाएं दी। संस्था के महासचिव राजयोगी बीके बृजमोहन ने कहा कि दीवाली पर सभी लोग नई वस्तुएं खरीदते हैं। एक-दूसरे के लिए मंगल कामनाएं करते हैं। लेकिन असली मंगल तो जीवन में...

जनता के और किसानो के हित की सरकार की योजनाएं

 पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर  वॉट्स ऐप 9850352745 ता 25 अक्टूबर 2024 जनता के और किसानो के हित की सरकार की योजनाएं सरकार बनाती है, उन योजनाओं का सम्पूर्ण लाभ लाभार्थियों को मिलने के लिए उन योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए गैर सरकारी संगठनों की यां सामाजिक संस्थाओं की मदद ली जाती हैं, ताकि योजनाओं के कार्यान्वयन प्रक्रिया में कोई स्वार्थी दलाल या भ्रष्ट लोगों का प्रवेश न हो।       भारत सरकार के द्वारा किसानों के हित के लिए देश के प्रधान मंत्री माननीय श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी के इच्छा से सुभाष पालेकर कृषि को नीती बनाया, जिसे भारत सरकार प्राकृतिक खेती यह नाम से पुकारती है, साथ में अधिकतम उत्पादक किसान स्वयं सामूहिक स्तर पर उनके कृषि उपज पर व्यक्तिगत या सामूहिक प्रक्रिया करके अपने कृषि उपज की मूल्य वृध्दि value addition करके उसे सीधे शहरी उपभोक्ताओं को बेचने की व्यवस्था खड़ी करने के लिए भारत सरकार ने फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनिया खोलने का एक ऐतिहासिक निर्णय लिया, महिलाओं को सक्षम बनाने के लिए सखी मंडल के गठन का और उन्हें प्रशिक्षित करने का बहुत ही प्रभावशाली उपक्रमशीलता अभि...

संस्थापक सीता माता मंदिर निर्माण समिति की कलम से

 बिहार जो कभी भारतवर्ष का सर्वोत्तम राज्य था आज सबसे निकृष्ट पद पर आसीन है हर प्रकार से निचले पायदान पर है बिहार की दुर्दशा के लिए कौन जिम्मेदार है अगर इसका गहराई से आकलन करें तो कुछ बातें सामने आती है और जो बातें सामने आती है वह मन को विचलित कर जाती है ख्याल आता है की जो बिहार भारत का मान था सम्मान था वह आज दुर्भाग्य और दुर्दशा का शिकार कैसे हो गया वह कौन से कारक है जो बिहार को इस स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया जी बिहार में साक्षात सरस्वती निवास करती थी जहां हर  मानव के जीवा पर सरस्वती का वास होता था जिसके मुख से निकला हुआ हर एक शब्द भारत वर्ष को मजबूती देता था जिसने भारतवर्ष को एक सूत्र में बांधकर रखने का सफल प्रयास किया सिर्फ भारतवर्ष ही नहीं समस्त मानव जाति का कल्याण और दुख से बाहर करने का सफल प्रयास निरंतर करता रहा समस्त मानव जाति को एक नया आयाम दिया जिस पर हम आज भी गर्भ करते हैं लेकिन हम उस परंपरा को कायम नहीं रख पाए हर दृष्टिकोण से बिहार सफल रहा था याद कीजिए भगवान गौतम बुद्ध को जिसने अहिंसा का पाठ पढ़कर समस्त मानव जाति को एक नया रास्ता दिया करुना और दया का महत्व समझाया मा...

पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर की कलम से

 पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर  ता 17 अक्टूबर 2024 साथियों और बहनों, विदर्भ के वर्धा में महात्मा गांधी जी के पावन निवास से पुनित सेवाग्राम आश्रम में कल परसो मै नई दिल्ली के विश्व युवक केंद्र और कमलनयन बजाज फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों से आयोजित  एक राष्ट्रीय संगोष्ठी माने कॉन्फ्रेंस में शामिल था, जिसमें भारत देश के सभी राज्यों से गैर सरकारी संगठनों के, सामाजिक संगठनों और स्वयं सेवी संस्थाओं के संचालक प्रतिनिधि शामिल हुए थे। उसमे कल मेरा सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक भाषण था, जिसे सुनकर उनके मन में स्वदेशी और विदेशी, रसायनिक खेती,गो आधारित खेती, जैविक खेती, वैदिक खेती, बायो डायनेमिक खेती , यौगिक खेती और अन्य प्रचलीत कृषि पद्धतियों के बारे में , वैश्विक तापमान वृद्धि और जल वायु परिवर्तन, नकली बुद्धिमता artificial intelligence, इन सभी समस्याओं के बारे मे जो असमंजस भ्रांतियां थी, वे सब पूरी तरह निकल गई।       अब उनके समझ में आ गया कि ये सारी कृषि पद्धतियां और पाश्चात्य जीवन शैली का प्रचार एवं पाश्चात्य तकनीकी युद्ध... यह सारी किसानोंको, ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को, दे...

वैश्विक तापमान वृद्धि और जल वायु परिवर्तन

 पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर  9850352745 what's app  ता 13 अक्टूबर 2024 साथियों और बहनों, वैश्विक तापमान वृद्धि और जल वायु परिवर्तन, व्यक्ति केंद्रित पूंजीवादी अर्थ व्यवस्था,एवं संभव्य नकली बुद्धिमता artificial intelligence ये तीनो मानव निर्मित भस्मासूर हमे और सजीव सृष्टि को विनाश के तरफ ले जा रहे है । इन को रोकना प्राधान्य क्रम से हमारा सभी मानव जाती का मुख्य उद्देश्य एवम कार्यक्रम होना अत्यावश्यक है। इस के लिए आपस के सभी नीतिगत राजनीतिक धार्मिक पांथिक जातीय वैचारिक दार्शनिक मतभेद बाजू में रखकर, सभी रचनात्मक सर्जन शील अहिंसक संवैधानिक अध्यात्मिक कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं ने आपसी मतभेदों के उप्पर आकार, इस सभी अत्यंत गंभीर मानव निर्मित समस्याओं का स्थायी पारदर्शक सही रचनात्मक सर्जन शील अहिंसक संवैधानिक अध्यात्मिक समाधान देने के लिए एक सर्व समावेशक कृति कार्यक्रम निश्चित करना और कोई देर न करते हुए अत्यावश्यक है। जिसमे सामूहिक नेतृत्व और सामूहिक जन आन्दोलन होगा। सभी सरकारों ने और समाजिक धार्मिक संगठनों ने वैश्विक बंधनों को त्यागकर इस एकत्रित प्रयास में जुड़ना होगा। अगर ऐसा न...

आप जैसे ही मानसून भारत से वापिस लौट जाता है

 पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर  ता 10 अक्टूबर 2024 बड़ोदरा गुजरात शिबीर में और खाटू श्याम सीकर राजस्थान शिबीर में शामिल सभी मित्रों और बहनों, आशा करता हूं कि आप बड़ोदरा गुजरात और खाटू श्याम राजस्थान दोनों शिबीर स्थान से अब तक अपने अपने गांव सुरक्षित पहुंच गए होंगे। मैं भी ता 7 और 8 अक्टूबर 2024 की जयपुर शहर की महत्वपूर्ण मीटिंग समाप्त करके कल श्याम जयपुरसे मेरे घर अमरावती में वापिस लौट आया हूं । आपके साथ मेरे तीन दिन कैसे बीत गए, मालूम ही नहीं पड़ा, इतना हम सब व्यस्त थे।       यह मत सोचिए कि शिबीर में आप स्वयं आए । सत्य यह की इस शिबीर के लिए ईश्वर ने आपको चुनकर विशेष प्रतिनिधि के रूप में आपको शिबीर में भेजा है। यह आपका परम सौभाग्य है,ईश्वर आप पर परम दयालु है।  पाश्चात्य विनाशकारी विध्वंसक नास्तिक विकास वाद के चक्रव्यूह में फंसकर स्वार्थ से अंध मानव अपनी सत असत विवेक बुद्धि खोकर ईश्वर निर्मित प्रकृति का जो नाश कर रहा है, उस विनाश को रोकने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी ईश्वर ने बड़ोदरा गुजरात शिबीर में और खाटू श्याम राजस्थान शिबीर में शामिल आप के मजबूत कंधे पर रखी...

शिबीर में प्रशिक्षित सभी मित्रों, आयोजको और पत्रकारों का हार्दिक आभार।

 पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर  व्हाट्स एप 9850352745 ता 8 अक्टूबर 2024 साथियों और बहनों , राजस्थान के सीकर जिले के श्री खाटू श्याम पवित्र तीर्थ स्थल में ता 4, 5, 6 अक्टूबर 2024 को श्री अपूर्व बजाज जी और बजाज उद्योग समूह के सामाजिक दायित्व निधी प्रमुख CSR Head श्री हरी भाई मोरी जी के संचालन में  जमनालाल कनीराम बजाज फाउंडेशन सीकर के द्वारा पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर गुरुजी का सुभाष पालेकर कृषि विषय पर आयोजित और राजस्थान के राज्यपाल महामहिम श्री हरिभाऊ बागड़े जी, राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष माननीय श्री सी आर चौधरी जी, राजस्थान के पंचायत राज एवम शिक्षा मंत्री माननीय श्री मदन दिलावर जी,राजस्थान नाबार्ड के मुख्य जनरल मैनेजर, बीकानेर कृषि विश्व विद्यालय के कुलपति इनके कर कमलों द्वारा उद्घाटित तीन दिवसीय निवासी प्रषिक्षण शिबीर बहुत ही सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ । शिबीर में राजस्थान के सभी जिल्हों से और भारत के अन्य पंधरा राज्यो के 1100 किसान, सामाजिक संगठनो के प्रतिनिधी, गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधी, अध्यात्मिक संघटनो के प्रतिनिधि, नाबार्ड के सभी अधिकारी, बीकानेर कृषि विश्व विद्यालय...

राष्ट्रकवि को भारत रत्न दिया जाए - डॉ विपिन कुमार

 *राष्ट्रकवि को भारत रत्न दिया जाए - डॉ विपिन कुमार* *राष्ट्रकवि दिनकर की रचनाओं के लिए बनेगी डिजिटल लाइब्रेरी, एसवी कॉलेज, वीकेएसयू आरा में राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन* विश्व हिंदी परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ विपिन कुमार ने कहा कि बहुआयामी प्रतिभा के धनी व्यक्तितव को आज याद किया जा रहा है, जो समाजवाद और राष्ट्रवाद को मानते थे, ऐसे राष्ट्रकवि दिनकर की याद में आज मैं यहां दिल्ली से आया हूँ। रामधारी सिंह दिनकर जी ने अपनी रचना में हर वर्ग का प्रतिनिधित्व किया है। उनकी रचना ने हर वर्ग को छुआ है। उनसे पूरा विश्व प्रभावित है। आये दिन प्रधानमंत्री, गृह मंत्री समेत अन्य उनकी रचनाओं को पढ़ते है। दिनकर जी आज भी प्रासंगिक है। भारत के नवनिर्माण में उनका बड़ा योगदान है, उनकी रचना से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। राष्ट्रकवि दिनकर की रचनाओं से प्रेरणा लेकर राष्ट्र को विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदी परिषद यह घोषणा करती है कि दिनकर जी की रचनाओं को एक कर जगह लाने के लिए डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जायेगी। मंच से राष्ट्रकवि को भारत रत्न देने की मांग उन्होंने की। एसवी कॉलेज का 54 वा...

मुस्कुराहट जीवन की सबसे बड़ी सुन्दरता है - आशा दीदी

*मुस्कुराहट जीवन की सबसे बड़ी सुन्दरता है - आशा दीदी* *सुसंस्कृत मां अपने बच्चे को ही नहीं बल्कि राष्ट्र को भी श्रेष्ठ संस्कार प्रदान करती है* *तीन दिवसीय महिला सम्मेलन का हुआ समापन* 4 अक्टूबर 2024, गुरुग्राम ब्रह्माकुमारीज़ के भोराकलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में तीन दिवसीय महिला सम्मेलन सम्पन्न हुआ। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए ओआरसी की निदेशिका राजयोगिनी आशा दीदी ने अपने दिल के उद्गार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज मां बच्चे को श्रेष्ठ संस्कार नहीं दे पा रही है। जिसका मूल कारण है कि मां अपने उत्तरदायित्व को ठीक से नहीं निभा पा रही है। आज नारी के जीवन में त्याग और तपस्या की कमी है। उन्होंने कहा कि मुस्कुराहट जीवन की सबसे बड़ी सुन्दरता है। मुस्कुराहट अन्दर से आती है। करुणा, दया और उदारता जैसे गुण ही चेहरे पर मुस्कान लाते  हैं। मातृत्व संस्कृति है। मातृत्व एक गुण है। मां की सबसे बड़ी शक्ति सहनशक्ति और समाने की शक्ति है। उन्होंने कहा कि मन पर सबसे बड़ा प्रभाव अन्न का पड़ता है। इसलिए भोजन की शुद्धि बहुत जरूरी है। डॉ. मंजु ने कहा कि सम्बन्धों में देने की भावना ही मधुरता लाती है। ...

चले चले चले विश्व विख्यात पवित्र तीर्थ स्थल श्री क्षेत्र खाटू श्यामजी

 चले चले चले विश्व विख्यात पवित्र तीर्थ स्थल श्री क्षेत्र खाटू श्यामजी मंदिर, जीला सीकर, राजस्थान .... पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर गुरुजी का तीन दिवसीय निवासी आत्मनिर्भार किसान परिवार आत्मनिर्भर भारत इस विषय पर प्रशिक्षण शिबीर सिर्फ हिन्दी भाषा में ..... ता 4 , 5  ,6 अक्तूबर 2024 , शुक्रवार शनिवार और रविवार  सुबह 9.00 से लेकर श्याम 8.00 तक आयोजक... जमनालाल कानीराम बजाज ट्रस्ट, सीकर बजाज उद्योग समूह के सामाजिक दायित्व निधी corporate social responsibility funds के अंतर्गत यह शिबीर होने जा रहा हैं। शिबीर स्थान.... वृंदावन धाम धर्मशाला    ,श्री शाम सत्संग मंडल समिति ट्रस्ट, HP पेट्रोल पंप के सामने, श्री क्षेत्र खाटू श्यामजी, तहसील राताराम गढ़ जी सीकर राजस्थान  प्रवेश शुल्क आप नीचे दिए बैंक अकाउंट पर ऑनलाइन भेज सकते हैं, अथवा बैंक ड्राफ्ट के रूप में रजिस्टर पोस्ट डाक अथवा कुरियर द्वारा अथवा मनी ऑर्डर द्वारा सबसे निचे दिए संपर्क नंबर को फोन करके उनके द्वारा दिए पत्तेपर भेज सकते हैं। भेजते समय आपका नाम पत्ता आधार कार्ड न और वॉट्स ऐप नंबर भी भेजना है। विषय ... 1)...

भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति का विशेष स्थान - मीनाक्षी लेखी

  - महिलाओं के तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ - ब्रह्माकुमारीज़ के महिला प्रभाग ने किया कार्यक्रम का आयोजन 02 अक्टूबर 2024, गुरुग्राम भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति का विशेष स्थान - मीनाक्षी लेखी भारतीय संस्कृति में शक्ति का विशेष सम्मान होता है। नारी शक्ति का रूप है। उक्त विचार भारत सरकार की पूर्व संस्कृति और विदेश राज्यमंत्री माननीय मीनाक्षी लेखी ने व्यक्त किए। ये बात उन्होंने ब्रह्माकुमारीज के ओम शांति रिट्रीट में संस्कृति की संरक्षक महिला विषय पर तीन दिवसीय महिला सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को श्रेष्ठ स्थान प्राप्त है। लेकिन सामाजिक असंतुलन के कारण महिलाओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। असंतुलन का कारण वैचारिक विकृति है। इस विचार को ठीक करने का कार्य ब्रह्माकुमारीज़ संगठन ही कर सकता है। वैचारिक शुद्धता से ही सब कुछ सही हो सकता है। उन्होंने कहा कि मां ही बच्चों को संस्कृति के श्रेष्ठ विचार दे देती है। ब्रह्माकुमारीज़ के महिला प्रभाग की अध्यक्षा राजयोगिनी बीके चक्रधारी दीदी ने अपने आशीर्वचन ...