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दिसंबर, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

जो स्वयं पर विश्वास करते हैं अद्भुत करते हैं

- जो स्वयं पर विश्वास करते हैं वहीं अदभुत करते हैं - डॉ. अर्चिका सुधांशु - जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं श्रेष्ठ संस्कार - बीके बिंदु - 17 वें जनजातीय युवा आदान प्रदान कार्यक्रम का शुभारम्भ - ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में हुआ आयोजन गुरुग्राम, 23 दिसम्बर 2025 ब्रह्माकुमारीज़ के बहोड़ाकलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में 17 वें जनजातीय युवा आदान प्रदान कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के गृह मंत्रालय एवं युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत मेरा युवा भारत के तत्वाधान में हुआ।  मेरा युवा भारत के उत्तरी क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. लाल सिंह ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी एवं जनजाति के युवाओं को राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ना है। उन्हें देश की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराना है। डॉ. सिंह ने कहा कि सप्ताहभर चलने वाले इस आयोजन में नशा मुक्त भारत, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 जैसे विषयों पर कार्यशालाएं एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। साथ ही आध्यात्म...

ऊर्जा आत्मनिर्भरता और जलवायु संतुलन ही विकसित भारत के निर्माण में सहायक: डॉ. बिनय कुमार

                                                                                          इकोसस्टेनेबल डेवलपमेंट फाउंडेशन (ESDF) द्वारा आयोजित ग्लोबल सस्टेनेबल एनर्जी समिट एवं अवॉर्ड्स–2025 का भव्य आयोजन इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में 15 दिसंबर को किया गया। सम्मेलन का विषय “ड्राइविंग द सस्टेनेबल फ्यूचर: इंडिया लीडिंग द ग्लोबल एनर्जी ट्रांजिशन” रहा। इस अवसर पर नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों एवं पर्यावरण विशेषज्ञों ने भारत के निम्न-कार्बन, सुरक्षित एवं समावेशी ऊर्जा भविष्य की दिशा में हो रहे प्रयासों पर गहन विचार-विमर्श किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. बिनय कुमार, आयोजन सचिव, ESDF, ने कहा कि भारत तेज़ी से जीवाश्म ईंधनों से स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण कर रहा है। उन्होंने सौर एवं पवन ऊर्जा के बड़े पैमाने पर विस्तार, वर्ष...

ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आधुनिक जीवन की चुनौतियों के लिए राजयोग विषय पर हुआ कार्यक्रम

एकाग्र मन के लिए सकारात्मक विचार जरूरी - डॉ. इंद्रजीत कौर यादव कमजोर मन का कारण नकारात्मक सूचनाओं का संग्रह - बीके सपना - ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आधुनिक जीवन की चुनौतियों के लिए राजयोग विषय पर हुआ कार्यक्रम - संस्थान के गुरुग्राम, सेक्टर 82 स्थित सेवाकेंद्र ने किया आयोजन गुरुग्राम, 14 दिसम्बर 2025 ब्रह्माकुमारीज़ के सेक्टर 82 स्थित सेवाकेंद्र द्वारा आधुनिक जीवन की चुनौतियों के लिए राजयोग विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ। सेक्टर 83 के नॉलेज ट्री वर्ल्ड स्कूल में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर उदघाटन हुआ। मानेसर, नगर निगम के मेयर डॉ. इंद्रजीत कौर यादव ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अपने लिए समय निकालना बहुत जरूरी है। सुबह उठते ही कुछ समय योग का अभ्यास जरूरी है। जैसा हम सोचते हैं, जैसा देखते हैं, वैसा ही बन जाते हैं। सकारात्मक विचार मन को एकाग्र करते हैं। डॉ. यादव ने कहा कि योग के साथ एक्सरसाइ भी जरूरी है। अच्छी पुस्तकों का अध्ययन मन को सकारात्मक विचार देता है। साथ ही उन्होंने कहा कि अपने विचारों को नोटबुक पर जरूर लिखें। योग के...

कल्प-तरुह अभियान के तहत हुआ कार्यक्रम

- राजकीय महाविद्यालय सिद्धरावली में हुआ वृक्षारोपण कार्यक्रम  - ब्रह्माकुमारीज़ एवं डेलॉइट कम्पनी के तत्वाधान में हुआ आयोजन - कल्प-तरुह अभियान के तहत हुआ कार्यक्रम - कार्यक्रम के दौरान 200 से भी अधिक पौधे लगाए गए गुरुग्राम, 12 दिसम्बर 2025 सिद्धरावली, ब्रह्माकुमारीज़ एवं डेलॉइट कम्पनी के तत्वाधान में राजकीय महाविद्यालय में कल्प-तरुह अभियान के तहत वृक्षारोपण हुआ। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के द्वारा वर्ष 2022 से शुरू हुए कल्प-तरुह अभियान के अंतर्गत अब तक 18 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 200 पौधे लगाए गए। अभियान के तहत 6000 वृक्ष अभी तक महाविद्यालय में लगाए जा चुके हैं।  इस अवसर पर ओआरसी की राजयोग शिक्षिका बीके विधात्री ने कहा कि बाहरी पर्यावरण के साथ-साथ हमारे अंदर का वातावरण भी शुद्ध होना जरूरी है। जितना हमारा आंतरिक शुद्धिकरण होगा, उतना ही पर्यावरण पर उसका प्रभाव पड़ता है।  राजकीय महाविद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. गीतिका ने कहा कि प्रकृति को स्वच्छ रखना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण ही पर्यावरण संतुलन का आधार है। डॉ....

समृद्ध आध्यात्मिक परंपराएं भारत को बना रही है विश्व गुरु - उप राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन

समृद्ध आध्यात्मिक परंपराएं भारत को बना रही है विश्व गुरु - उप राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन उप राष्ट्रपति ने कहा, आत्मा, मन और शरीर को गहन शांति प्रदान करता है ध्यान - बहोड़ा कलां स्थित ब्रह्माकुमारी के ओम शांति रिट्रीट सेंटर के रजत जयंती वर्ष के "शुभारंभ -  रश्मियां" कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित थे उप राष्ट्रपति - उप राष्ट्रपति ने ओम शांति रिट्रीट सेंटर के रजत रश्मियां के नाम से मनाए जाने वाले रजत जयंती वर्ष का किया शुभारंभ गुरूग्राम, 07 दिसंबर 2025 भारत के उप राष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि भारत के ऋषियों, मुनियों और तपस्वियों की साधना ने विश्व को ध्यान, आत्मबल और सत्य के मार्ग पर अग्रसर किया है। राजयोग, विपस्सना और तपस्या जैसी समृद्ध आध्यात्मिक परंपराएं आज भारत को विश्व गुरु बना रही हैं। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प में भी यही आध्यात्मिक शक्ति राष्ट्र का मार्गदर्शन कर रही है। उप राष्ट्रपति रविवार को  गुरुग्राम जिला के बहोड़ा कलां में स्थित ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय...

जम के हंसे और मस्त रहे तथा स्वस्थ रहे

 हास्य योगशाला जम के हंसे और मस्त रहे तथा स्वस्थ रहे  दिल्ली, पश्चिम विहार स्थित डिस्ट्रिक्ट पार्क में आयोजित “हसो दिल्ली – हास्य योग शिविर” में अंतर्राष्ट्रीय हास्य गुरु जितेन कोही ने हजारों लोगों को ठहाकों के बीच स्वास्थ्य लाभ कराते हुए अनोखे तरीके से योगाभ्यास करवाया। पूरे शिविर में उपस्थित जनसमूह लगातार हँसी से लोटपोट होता रहा और सकारात्मक ऊर्जा से पूरा वातावरण गूंज उठा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शकूर बस्ती के माननीय विधायक करनैल सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि “यदि हम हास्य योग को अपने जीवन का नियमित हिस्सा बना लें तो हमारे स्वास्थ्य लाभ में आश्चर्यजनक सुधार होगा, इन्शुरन्स क्लेम में कमी आएगी और राष्ट्र-निर्माण में भी हमारी भागीदारी मजबूत होगी।” उन्होंने ऐसे आयोजन देशभर में नियमित रूप से होने की आवश्यकता पर बल दिया। शिविर के पश्चात ज़ीअग्नोसिस लैब एवं थाइरोकेयर द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसका लोगों ने भरपूर लाभ उठाया। प्रतिभागियों ने बिहार के पारंपरिक व्यंजन लिट्टी-चोखा का भी स्वाद लेकर आयोजन को और यादगार बना दिया। कार्यक्रम में विभिन्न मंत्र...

पद्मश्री डॉ. सुभाष पालेकर ने प्रिय श्री ..

 पद्मश्री डॉ. सुभाष पालेकर प्रिय श्री रुसेन जी, आपके जागरूकता अभियान के लिए हार्दिक बधाई। अंग्रेजों के भारत आने से पहले भारत में आत्मनिर्भर कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और स्वदेशी ग्रामीण औद्योगिक संरचना थी। पश्चिमी औद्योगिक संरचना आधारित अर्थव्यवस्था के कारण, हमने बहुत कुछ खोया है और बहुत कम पाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति श्री डोनाल्ड ट्रम्प ने टिप्पणी की है कि भारतीय अर्थव्यवस्था एक मृत अर्थव्यवस्था है। लेकिन, यह सच नहीं है। मूलतः संयुक्त राज्य अमेरिका की अर्थव्यवस्था एक मृत अर्थव्यवस्था है। अमेरिकी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 31 ट्रिलियन डॉलर है, लेकिन अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर 36 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज है। हम कैसे कह सकते हैं कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था एक मृत अर्थव्यवस्था नहीं है? भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो सकती है, लेकिन भारतीयों की प्रति व्यक्ति आय 138 देशों की प्रति व्यक्ति आय से भी कम है। भारत सरकार 80 करोड़ यानी 80 करोड़ भारतीय गरीबों को साल भर मुफ्त अनाज दे रही है। 25 करोड़ छोटे भारतीय किसान कर्ज के बोझ तले दबे गरीबी रेखा के नीचे हैं। इसका मतलब है कि 10...