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शिक्षाविदों के तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन

असली शिक्षा संस्कारों में परिवर्तन लाती है - डॉ. संजय कुमार झा - शिक्षाविदों के तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन - ओम शांति रिट्रीट सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में 300 से भी अधिक शिक्षाविदों ने की शिरकत गुरुग्राम, 24 नवम्बर 2025 ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हुआ। समापन सत्र में बोलते हुए एमिटी विश्वविद्यालय में लिबरल आर्ट्स के निदेशक डॉ. संजय कुमार झा ने कहा कि हम सिर्फ मन को शिक्षित कर रहे हैं। जब तक हृदय से शिक्षित नहीं होंगे, तब तक सही मायने में शिक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा सिर्फ सूचनाओं का केंद्र बन चुकी है। असली शिक्षा वो है जो मनुष्य के संस्कारों को परिवर्तन कर दे। डॉ. झा ने कहा कि भारत की प्राचीन शिक्षा गुरुकुल पर आधारित थी। शिक्षक और गुरु में बहुत अंतर है। शिक्षक से ज्यादा हमें गुरु की जरूरत है। गुरु जीवन को बदलता है। शिक्षक जीवन के लिए धन कमाना सिखाता है लेकिन गुरु जीवन जीने की कला सिखाता है। जयपुर, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय(इग्नू) के सहायक क्षेत्रीय निदेशक कमलेश मीणा ने कहा कि दे...

ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा शिक्षाविदों के तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारम्भ

शिक्षक के अंदर करुणा का भाव जरूरी - डॉ. अमित दत्ता एक अच्छे शिक्षक के अंदर अच्छे विद्यार्थी का होना जरूरी - आशा दीदी - ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा शिक्षाविदों के तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारम्भ - संस्थान के शिक्षा प्रभाग ने किया आयोजन - ओम शांति रिट्रीट सेंटर में हुआ कार्यक्रम गुरुग्राम, 22 नवम्बर 2025 ब्रह्माकुमारीज़ के भोड़ाकलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में शिक्षाविदों के तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के शिक्षा प्रभाग द्वारा अवेकनेड एजुकेटर्स इनलाइटेन्ड जेनरेशन विषय पर हुआ। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीइ) के निदेशक डॉ. अमित दत्ता ने कहा कि देह भाव के कारण मनुष्य का ध्येय छोटा हो गया है। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में शिक्षा के माध्यम से सामाजिक कार्य होते थे। लेकिन सामाजिक ताना-बाना बिखरने से शिक्षा का प्रभाव कम हो गया। डॉ. दत्ता ने कहा कि शिक्षक की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन आज ऐसे लगता है कि गुरु का गुरुत्व खो सा गया है। आवश्यकता है, उस गुरुत्व को वापस लाने की। शिक्षक के अंदर...

सुरक्षा बलों के तीन दिवसीय स्व-सशक्तिकरण कार्यक्रम का समापन

प्राचीन भारतीय संस्कृति को जागृत कर रहा है ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान - वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद चुनौतियों को अवसर में बदलें - आशा दीदी - सुरक्षा बलों के तीन दिवसीय स्व-सशक्तिकरण कार्यक्रम का समापन - कार्यक्रम में देश के रक्षा एवं सुरक्षा से जुड़े 20 संगठनों के 400 से अधिक अधिकारी हुए शामिल - ब्रह्माकुमारीज़ के सुरक्षा सेवा प्रभाग की रजत जयंती के अंतर्गत पर हुआ आयोजन गुरुग्राम, 17 अगस्त 2025 ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के भोड़ाकलां स्थित ओम शांति रिट्रीट में सुरक्षा बलों के तीन दिवसीय स्व-सशक्तिकरण कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम के समापन सत्र में बोलते हुए भारतीय नौसेना में सेवारत वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ प्राचीन भारतीय संस्कृति को पुनः जागृत कर रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य तभी सफल होता है, जब उसमें 100 प्रतिशत समर्पण भाव हो। वो तभी आता है जब सकारात्मक दृष्टिकोण हो। आध्यात्मिक चिंतन ही व्यक्ति में सकारात्मक भाव पैदा करता है। भारतीय नौसेना के सेवानिवृत वाइस एडमिरल सूरज बेरी ने कहा कि निर्णय तभी सही होता है, जब दिल और दिमाग का बैलेंस होता है। उन्होंने कहा कि ...

समस्याओं की असली शुरुआत मन से होती है - शुक्ला दीदी

समस्याओं की असली शुरुआत मन से होती है - शुक्ला दीदी आध्यात्मिकता ही भरती है अंदर का खालीपन - मेजर जनरल गोपाल वर्मा - सुरक्षा बलों के लिए तीन दिवसीय स्व-सशक्तिकरण कार्यक्रम का शुभारम्भ - ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के सुरक्षा प्रभाग के द्वारा हुआ आयोजन गुरुग्राम, 15 नवम्बर 2025 ब्रह्माकुमारीज़ के भोड़ाकलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में सुरक्षा बलों के लिए तीन दिवसीय स्व-सशक्तिकरण कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। जिसमें भारतीय सेना एवं सुरक्षा बलों के अधिकारियों न भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन सेल्फ एंपावरमेंट फॉर  मैनेजिंग चैलेंजेस विषय पर हुआ। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में भारतीय सेना में सेवारत मेजर जनरल गोपाल वर्मा ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि शारीरिक रूप से सक्षम होने के बाद भी व्यक्ति अपने को कमजोर महसूस करता है। जिसका मूल कारण आंतरिक शक्ति की कमी है। बाहर से तो हर कोई अपने को भर रहा है। लेकिन अंदर खालीपन बढ़ रहा है। आध्यात्मिकता हमें भीतर से जागृत करती है। आध्यात्मिकता जीवन में संतुलन लाती है। भारतीय रक्षा लेखा सेवा की पूर्व सीजीडीए देविका रघुवंशी ने कहा कि काफी समय से वो राजयोग ...

अधिकार के साथ अपनी जिम्मेवारी को समझना भी बेहद जरूरी - रेणु भाटिया

अधिकार के साथ अपनी जिम्मेवारी को समझना भी बेहद जरूरी - रेणु भाटिया - आंतरिक रूप से सशक्त बनाता है राजयोग - सलोनी मल्होत्रा - तीन दिवसीय राष्ट्रीय महिला सम्मेलन का समापन - ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के महिला प्रभाग द्वारा हुआ आयोजन - पैनल डिस्कशन के माध्यम से अनेक वक्ताओं ने रखे अपने विचार गुरुग्राम, 09 नवम्बर 2025 महिलाओं को अधिकार के साथ अपनी जिम्मेवारी को भी निभाना जरूरी है। उक्त विचार हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने ब्रह्माकुमारीज़ के भोराकलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में रखे। ये बात उन्होंने तीन दिवसीय राष्ट्रीय महिला सम्मेलन के समापन सत्र में कही। दादी प्रकाशमणी सभागार में आध्यात्मिकता से नारी सुरक्षा विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वो काफी समय से ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के साथ जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि जब वो संस्था से जुड़ी तब उन्हें कैंसर था। राजयोग के अभ्यास से उन्हें कैंसर के उपचार में काफी मदद मिली। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ में आकर अपार स्नेह का अनुभव किया। भौतिक शिक्षा हम कितनी भी प्राप्त कर लें। लेकिन अगर पारिवारिक मूल्य नहीं हैं तो सफल नहीं हो...

ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा तीन दिवसीय राष्ट्रीय महिला सम्मेलन का शुभारम्भ

- महिलाओं में आत्म सम्मान का भाव जरूरी - डॉ. आर. एच. लता - चरित्र निर्माण से ही सर्व समस्याओं का समाधान - आशा दीदी - ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा तीन दिवसीय राष्ट्रीय महिला सम्मेलन का शुभारम्भ - आध्यात्मिकता से महिला सुरक्षा विषय पर हुआ आयोजन - ओम शांति रिट्रीट सेंटर के दादी प्रकाशमणी सभागार में हुआ कार्यक्रम - कार्यक्रम में 1000 से भी अधिक महिलाओं एवं अन्य लोगों ने की शिरकत गुरुग्राम, 08 नवम्बर 2025 ब्रह्माकुमारीज़ के भोराकलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय महिला सम्मेलन का आयोजन हुआ। परिसर के दादी प्रकाशमणी सभागार में आध्यात्मिकता से महिला सुरक्षा विषय पर कार्यक्रम हुआ। सम्मेलन के उदघाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि इंडियन योगिनी एसोसिएशन की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. आर. एच. लता ने अपना संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए आध्यात्मिकता जरूरी है। महिलाओं में आत्म सम्मान का भाव होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि असुरक्षा का प्रमुख कारण अनेक सामाजिक विसंगतियां हैं। परिवारों में संस्कारों का बहुत बड़ा अभाव है। आध्यात्मिकता हमें अन्दर की आवाज सुनने के लिए प्रेरित करती है...

यौगिक खेती सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में श्रेष्ठ कदम - बच्चन सिंह आर्य

भारतीय प्राचीन एवं प्राकृतिक कृषि पद्धति जरूरी - सरला दीदी -  ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में हुआ एक दिवसीय किसान सम्मेलन - संस्थान के ग्राम विकास प्रभाग द्वारा हुआ सम्मेलन का आयोजन - भारतीय कृषि दर्शन एवं सम्पूर्ण ग्राम विकास विषय पर हुआ कार्यक्रम गुरुग्राम, 02 नवम्बर 2025 गुरुग्राम, ब्रह्माकुमारीज़ के भोराकलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में संस्थान के ग्राम विकास प्रभाग द्वारा एक दिवसीय किसान सम्मेलन का आयोजन हुआ। दादी प्रकाशमणी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय कृषि दर्शन एवं सम्पूर्ण ग्राम विकास विषय पर कार्यक्रम हुआ। हरियाणा के पूर्व कृषि मंत्री माननीय बचन सिंह आर्य ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि वो ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान से 32 वर्षों जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान का पवित्र जीवन उन्हें बहुत आकर्षित करता है। राजयोग हमें पवित्र जीवन जीने की प्रेरणा देता है। माननीय मंत्री जी ने कहा कि यौगिक खेती जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में श्रेष्ठ कदम है। मंत्री जी ने कहा कि पुराने समय में जब वो खेती करते थे तो पहले धरती का वंदन करते थे। गौ पालन सबसे श्र...