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जनवरी, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

चलो सिसौली जिला मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश SPK के चार दिवसीय शिविर में

 पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर जी का ता 22, 23, 24, 25 मार्च 2026 चार दिवसीय निवासी शिबीर सुनने चलो सिसौली,चलो सिसौली... जिला मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में .....  ...   श्री राकेश टिकैत जी का किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन के द्वारा आयोजित पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर गुरुजी का चार दिवसीय निवासी शिबीर...... जिसमें एक देशी गोमाता के गोबर गोमूत्र से दस से पंद्रह एकड़ खेती बगैर कोई खाद डाले देशी बीजों से संपूर्ण स्वदेशी आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को सुभाष पालेकर कृषि से कैसे साकार करना है और उससे एक एकड़ भूमि में परिवार की आर्थिक आत्मनिर्भरता कैसी प्राप्त कर सकते है और रोग मुक्त, कृषि कर्ज मुक्त, शोषण मुक्त मानवी जीवन किसान कैसे प्राप्त कर सकता है, गांव छोड़कर शहर भाग रहे युवाओं को गांव में पालेकर फूड फॉरेस्ट पंच स्तरीय बागवानी मॉडल के द्वारा स्थानिक रोजगार कैसे उपलब्ध करना है, सुभाष पालेकर कृषि कैसे प्राकृतिक कृषि नहीं हैं, यह प्रचलित गो आधारित परंपरागत कृषि से, विदेशी जैविक खेती से, रासायनिक खेती से, वैदिक कृषि से, यौगिक कृषि से और अन्य कृषि तकनीकों से कैसे पूरी तरह अलग ह...

मकर संक्रांति 2026 : आखिर क्यों मनाया जाता है यह महापर्व?

 मकर संक्रांति 2026 : आखिर क्यों मनाया जाता है यह महापर्व?  14-15 जनवरी को पूरे भारत में मकर संक्रांति का उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। यह केवल पतंग उड़ाने या खिचड़ी खाने का दिन नहीं है, इसके पीछे गहरे वैज्ञानिक और आध्यात्मिक रहस्य छिपे हैं-- 1️⃣ सूर्य का मकर राशि में प्रवेश (ज्योतिषीय महत्व) 'संक्रांति' का अर्थ है संक्रमण या प्रवेश। इस दिन सूर्य देव धनु राशि को छोड़कर अपने पुत्र शनि की राशि 'मकर' में प्रवेश करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में इसे बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि यह सौर वर्ष के एक नए अध्याय की शुरुआत है। 2️⃣ उत्तरायण का प्रारंभ: अंधकार से प्रकाश की ओर  इस दिन से सूर्य 'उत्तरायण' होते हैं। वैज्ञानिक रूप से देखें तो अब से दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं। इसे अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक माना जाता है। इसी दिन से 'खरमास' समाप्त होता है और सभी शुभ व मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं। 3️⃣ पिता-पुत्र का पावन मिलन (पौराणिक कथा)  कहा जाता है कि भगवान सूर्य और उनके पुत्र शनिदेव के बीच संबंध मधुर नहीं थे। लेकिन इस दिन सूर्य देव स्वयं अपने पुत्र शनि के घर...