पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर का आह्वान
पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर साथियों, पालेकर फूड फॉरेस्ट पंच स्तरीय मॉडल खड़ा करने के संदर्भ में मेरी आपके लिए कुछ सूचनाएं है... 1) वैश्विक तापमान वृद्धि और जल वायु परिवर्तन के घातक परिणामों के कारण लुप्त होने की तैयारी करने वाले मानसून का कोई भरोसा नहीं, बीज बोनेकी जल्दबाजी न करें, जब तक भूमि में इतनी पर्याप्त नमी संग्रहित नहीं होगी ,की अगर बीज बोआई के और बीज अंकुरण के बाद पौधे दस बारा दिनतक बारिश नही हुई तब भी पौधे नही सूखेंगे,नमी की इस स्थिति को देखकर बोआई कीजियेगा। 2) इन मॉडल में हमे खरपतवारों का मानसून पूर्व नियन्त्रण करना अत्यावश्यक है। इसलिए, जैसे ही मानसून पूर्व बारिश pre monsoon showers होती है, भूमी में होनेवाले खरपतवारो के बीजों को अंकुरित होने दीजिएगा और जैसे ही भूमि खरपतवारों के अंकूरों से हरिभरी हो जायेगी, तुरंत बक्खर harrow से जोताई करके इनका निर्मूलन कीजिएगा। सात आठ दिनके बाद जैसे ही मानसून पूर्व अथवा मानसून की शुरुवाती बारिश आती हैं, अथवा सिंचाई का पानी देकर भूमि में बचें हुए खरपतवारों के बीजों को अंकुरित होकर उप्पर आने का सुअवसर प्रदान करे, और हर बार जोताई से उ...