संदेश

जून, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर का आह्वान

 पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर  साथियों, पालेकर फूड फॉरेस्ट पंच स्तरीय मॉडल खड़ा करने के संदर्भ में मेरी आपके लिए कुछ सूचनाएं है... 1) वैश्विक तापमान वृद्धि और जल वायु परिवर्तन के घातक परिणामों के कारण लुप्त होने की तैयारी करने वाले मानसून का कोई भरोसा नहीं, बीज बोनेकी जल्दबाजी न करें, जब तक भूमि में इतनी पर्याप्त नमी संग्रहित नहीं होगी ,की अगर बीज बोआई के और बीज अंकुरण के बाद पौधे दस बारा दिनतक बारिश नही हुई तब भी पौधे नही सूखेंगे,नमी की इस स्थिति को देखकर बोआई कीजियेगा। 2) इन मॉडल में हमे खरपतवारों का मानसून पूर्व नियन्त्रण करना अत्यावश्यक है। इसलिए, जैसे ही मानसून पूर्व बारिश pre monsoon showers होती है, भूमी में होनेवाले खरपतवारो के बीजों को अंकुरित होने दीजिएगा और जैसे ही भूमि खरपतवारों के अंकूरों से हरिभरी हो जायेगी, तुरंत बक्खर harrow से जोताई करके इनका निर्मूलन कीजिएगा। सात आठ दिनके बाद जैसे ही मानसून पूर्व अथवा मानसून की शुरुवाती बारिश आती हैं, अथवा सिंचाई का पानी देकर भूमि में बचें हुए खरपतवारों के बीजों को अंकुरित होकर उप्पर आने का सुअवसर प्रदान करे, और हर बार जोताई से उ...

यूजीसी की सराहनीय पहल

 यूजीसी की सराहनीय पहल है बाई-एनुअल एडमिशन प्रक्रिया: सीईजीआर  साल में दो बार एडमिशन से स्टूडेंट्स के बर्बाद होने से बचेंगे समय,  रोजगार के भी बढ़ेंगे अवसर नई दिल्ली. देश में स्टूडेंट के लिए एक बहुत अच्छी खबर है. अब यूनिवर्सिटी और कॉलेज में साल में 2 बार एडमिशन लेने का मौका मिलेगा. यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने यूनिवर्सिटीज और हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स में साल में दो बार एडमिशन की प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दे दी है. यूजीसी चेयरमैन जगदीश एम कुमार का कहना है कि इससे स्टूडेंट्स के लिए मौके बढ़ेंगे और इंडियन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस ग्लोबल स्टैंडर्ड के बनेंगे. शैक्षणिक सत्र 2024-25 के जुलाई-अगस्त और जनवरी-फरवरी में दो बार प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इस पर सेंटर फॉर एजुकेशन ग्रोथ एंड रिसर्च (सीईजीआर) के डायरेक्टर रविश रोशन कहते है कि देश की शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाए रखने के लिए के लिए यूजीसी की यह पहल स्वागत योग्य है. इतना ही नहीं अब कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव भी साल में दो बार आयोजित की जाएगी. इस कदम से जहां साल में दो बार स्टूडेंट्स को एड...

बच्चों को सिखाई गई योग की बारीकियां

 बच्चों को सिखाई गई योग की बारीकियां 14 जून 2024, गुरुग्राम ब्रह्माकुमारीज के भोराकलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में तीन दिवसीय बाल व्यक्तित्व शिविर का समापन हुआ। "चलो भरें नई उड़ान" विषय पर आयोजित शिविर में बच्चों को योग की बारीकियां समझाई गई।  बच्चों ने शारीरिक एवं मानसिक स्तर पर आयोजित अनेक प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। बच्चों ने खेलकूद प्रतियोगिताओं में बढ़ चढ़कर भाग लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के द्वारा भी बच्चों ने अपनी प्रतिभा की अमिट छाप छोड़ी।  आध्यात्मिक सशक्तिकरण पर विशेषज्ञों द्वारा अनेक विषयों की गहरी जानकारी दी गई। ओआरसी की निदेशिका राजयोगिनी आशा दीदी ने कहा कि शिविर का उद्देश्य बच्चों को मूल्यों के प्रति सजग कर उन्हें सशक्त बनाना है।  उन्होंने कहा कि आज के बच्चे कल का भविष्य हैं। बच्चों में अभी से आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों का समावेश उन्हें बेहतर भविष्य की ओर ले जाएंगे।  उन्होंने कहा कि हर वर्ष गर्मियों की छुट्टी के अवसर पर बच्चों के लिए शिविर आयोजित किए जाते हैं। शिविर के माध्यम से अनेक बच्चों के व्यक्तित्व का निर्माण हुआ है। जो आज हर प्रकार ...