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एक गौशाला ऐसा भी ..

 एक गोशाला ऐसा भी (श्रीगोधाम पांचवां धाम) संयुक्त राज्य अमेरिका के कृषि विभाग (यूएसडीए) अनुसार, भारत दुनिया भर में सबसे अधिक गायों वाला देश है। यह देश "पवित्र" होने के कारण मवेशियों की विशेष रूप से रक्षा करता है। सनातन मान्यतानुसार गौमाता संपूर्ण ब्रह्मांड अर्थात साक्षात नारायण का स्वरूप हैं. शास्त्रों में कहा गया है कि गौमाता की पूजा-अर्चना करने से सृष्टि के 33 करोड़ देवी - देवताओं की आराधना का फल मिलता है. अतः सनातन मान्यतानुसार घर में बनी सबसे पहली रोटी भी गौमाता को हीं खिलाने का प्रावधान है. वेद पुराणों के अनुसार जो व्यक्ति गाय और गोवंश की सेवा करता है, उसपर आने वाली विपदाएं समाप्त हो जाती हैं। कहा जाता है कि गाय के खुर्र में नागदेवता का वास होता है, इसलिए जिस जगह गाय अपने खुर्र रखती है, उस जगह सांप-बिच्छू आदि नहीं आते। मान्यता है कि गाय के एक आंख में सूर्य तो दूसरी आंख में चन्द्र देव का वास होता है। गाय के सींगों में भगवान शिव का वास, उदर में भगवान शिव के बड़े बेटे कार्तिकेय, मस्तक में ब्रह्मा, ललाट में रुद्र, सींगों के आगे वाले भाग में भगवान इन्द्र, कानों में अश्विनीकुम...

वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन द्वारा संस्कार परिवार मिलन कार्यक्रम का आयोजन

 वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन द्वारा संस्कार परिवार मिलन कार्यक्रम का आयोजन 10 फरवरी/नई दिल्ली, त्याग राज स्टेडियम/ऑडिटोरियम, आई एन ए, नई दिल्ली में वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन द्वारा आयोजित संस्कार परिवार मिलन समारोह में अनेक गण्यमान मार्गदर्शकों और विशिष्ट अतिथियों द्वारा संबोधन और विश्व विख्यात रचयिता, संगीतकार, निर्देशक व अभिनेता पद्मश्री शेखर सेन द्वारा भगवान श्री कृष्ण के अनन्य उपासक सूरदास के जीवन वृतांत की प्रस्तुति उनके अनोखे अंदाज में किया गया जिससे सभी मंत्रमुग्ध हो गए। वन एवं नगरीय वंचित समाज के उत्थान को समर्पित वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन द्वारा संस्कार परिवार मिलन कार्यक्रम में भारी संख्या में दर्शक उपस्थित थे। इस कार्यक्रम द्वारा भगवान श्री कृष्ण की नीति, आदर्श एवं पराक्रम के अनुरूप नगरीय समाज को वनवासी व वंचित समाज से जोड़ने का सतत प्रयास किया गया।  इस कार्यक्रम में स्वामी ज्ञानानंद महाराज गीता मनीषी जी का मार्गदर्शन तथा केंद्रीय जनजाति, जलशक्ति राज्यमंत्री माननीय बिश्वेशवर टुडू एवं  विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद पराणडे की गरिमामयी...

आध्यात्मिकता हमें स्वयं से जोड़ती है

  आध्यात्मिकता हमें स्वयं से जोड़ती है - बीके शिवानी  व्यापार एवं उद्योग प्रभाग के राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन  जीवन में मूल्यों को अपनाने पर दिया गया जोर 06 फरवरी 2024, गुरुग्राम ब्रह्माकुमारीज के बहोड़ा कलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में व्यापार एवं उद्योग प्रभाग के तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हुआ। सम्मेलन में काफी संख्या में व्यापारियों एवं उद्यमियों ने शिरकत की।  कार्यक्रम में राजयोग प्रशिक्षण के साथ-साथ विशेषज्ञों द्वारा आध्यात्मिकता की बारीकियों को समझाया गया। अनेक कार्यशालाओं के माध्यम से भी वर्तमान परिस्थितियों का सामना करने के लिए आंतरिक शक्तियों को जागृत करने पर वक्ताओं ने चर्चा की। इस अवसर पर विशेष रूप से सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर ब्रह्माकुमारी शिवानी ने अपने अनुभवी वक्तव्य से सबको प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज हमारा ध्यान ज्यादातर दूसरों पर ही रहता है। जिस कारण किसी भी व्यक्ति अथवा परिस्थिति के प्रभाव में आ जाते हैं।  दूसरों के प्रभाव में आने के कारण आंतरिक शक्ति कमजोर हो जाती है। आध्यात्मिकता हमें स्वयं से जोड़ती है। जितना हम खुद से...

उत्तराखंड UCC Draft क्या कहता है

 उत्तराखंड #UCC ड्राफ्ट: 1- लड़कियों की विवाह की आयु बढ़ाई जाएगी ताकि वे विवाह से पहले ग्रेजुएट हो सकें।   2- विवाह का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन होगा। बगैर रजिस्ट्रेशन किसी भी सरकारी सुविधा का लाभ नही मिलेगा। ग्राम स्तर पर भी शादी के रजिस्ट्रेशन की सुविधा होगी।   3- पति-पत्नी दोनो को तलाक के समान आधार उपलब्ध होंगे। तलाक का जो ग्राउंड पति के लिए लागू होगा, वही पत्नी के लिए भी लागू होगा। फिलहाल पर्सनल लॉ के तहत पति और पत्नी के पास तलाक के अलग अलग ग्राउंड हैं।   4- पॉलीगैमी या बहुविवाह पर रोक लगेगी।   5- उत्तराधिकार में लड़कियों को लड़कों के बराबर का हिस्सा मिलेगा। अभी तक पर्सनल लॉ के मुताबिक लड़के का शेयर लड़की से अधिक।    6- नौकरीशुदा बेटे की मृत्यु पर पत्नी को मिलने वाले मुआवजे में वृद्ध माता-पिता के भरण पोषण की भी जिम्मेदारी। अगर पत्नी पुर्नविवाह करती है तो पति की मौत पर मिलने वाले कंपेंशेसन में माता पिता का भी हिस्सा होगा।   7- मेंटेनेंस- अगर पत्नी की मृत्यु हो जाती है और उसके माता पिता का कोई सहारा न हो, तो उनके भरण पोषण का ...