वैश्विक तापमान वृद्धि और जल वायु परिवर्तन

 पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर 

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ता 13 अक्टूबर 2024

साथियों और बहनों,

वैश्विक तापमान वृद्धि और जल वायु परिवर्तन, व्यक्ति केंद्रित पूंजीवादी अर्थ व्यवस्था,एवं संभव्य नकली बुद्धिमता artificial intelligence ये तीनो मानव निर्मित भस्मासूर हमे और सजीव सृष्टि को विनाश के तरफ ले जा रहे है । इन को रोकना प्राधान्य क्रम से हमारा सभी मानव जाती का मुख्य उद्देश्य एवम कार्यक्रम होना अत्यावश्यक है। इस के लिए आपस के सभी नीतिगत राजनीतिक धार्मिक पांथिक जातीय वैचारिक दार्शनिक मतभेद बाजू में रखकर, सभी रचनात्मक सर्जन शील अहिंसक संवैधानिक अध्यात्मिक कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं ने आपसी मतभेदों के उप्पर आकार, इस सभी अत्यंत गंभीर मानव निर्मित समस्याओं का स्थायी पारदर्शक सही रचनात्मक सर्जन शील अहिंसक संवैधानिक अध्यात्मिक समाधान देने के लिए एक सर्व समावेशक कृति कार्यक्रम निश्चित करना और कोई देर न करते हुए अत्यावश्यक है। जिसमे सामूहिक नेतृत्व और सामूहिक जन आन्दोलन होगा। सभी सरकारों ने और समाजिक धार्मिक संगठनों ने वैश्विक बंधनों को त्यागकर इस एकत्रित प्रयास में जुड़ना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो निकट भविष्य में हमारा मानव का और सजीव सृष्टि का विनाश अवश्यंभावी है। 

 

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