आप जैसे ही मानसून भारत से वापिस लौट जाता है

 पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर 

ता 10 अक्टूबर 2024

बड़ोदरा गुजरात शिबीर में और खाटू श्याम सीकर राजस्थान शिबीर में शामिल सभी मित्रों और बहनों,

आशा करता हूं कि आप बड़ोदरा गुजरात और खाटू श्याम राजस्थान दोनों शिबीर स्थान से अब तक अपने अपने गांव सुरक्षित पहुंच गए होंगे। मैं भी ता 7 और 8 अक्टूबर 2024 की जयपुर शहर की महत्वपूर्ण मीटिंग समाप्त करके कल श्याम जयपुरसे मेरे घर अमरावती में वापिस लौट आया हूं । आपके साथ मेरे तीन दिन कैसे बीत गए, मालूम ही नहीं पड़ा, इतना हम सब व्यस्त थे। 

     यह मत सोचिए कि शिबीर में आप स्वयं आए । सत्य यह की इस शिबीर के लिए ईश्वर ने आपको चुनकर विशेष प्रतिनिधि के रूप में आपको शिबीर में भेजा है। यह आपका परम सौभाग्य है,ईश्वर आप पर परम दयालु है। 

पाश्चात्य विनाशकारी विध्वंसक नास्तिक विकास वाद के चक्रव्यूह में फंसकर स्वार्थ से अंध मानव अपनी सत असत विवेक बुद्धि खोकर ईश्वर निर्मित प्रकृति का जो नाश कर रहा है, उस विनाश को रोकने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी ईश्वर ने बड़ोदरा गुजरात शिबीर में और खाटू श्याम राजस्थान शिबीर में शामिल आप के मजबूत कंधे पर रखी है, इस विश्वास के साथ की आप उस जिम्मेदारिको समर्पित भाव से निभायेंगे। 

अब आप जैसे ही मानसून भारत से वापिस लौट जाता है, तुरंत पालेकर फूड फॉरेस्ट पंच स्तरीय मॉडल का नियोजन करने में लग जाइए। 

देशी बीज, विविध फल पेड़ो के पौधे कलम और गन्ने की अच्छी किस्म के बीज कहा से बुलाना है, इसकी जानकारी मैं इसी ग्रुप में परसो डालने वाला हूं। 

हो सकता हैं की आने वाले रविवार को या आगे जल्दी हम ऑनलाइन उन सेनापति किसानों से मिलेंगे , जिन्होंने पालेकर फूड फॉरेस्ट पंच स्तरीय मॉडल पहले से खड़े किए है, जिन्हे हजारों किसानों ने शिवार फेरी में यां व्यक्तिगत जाकर देखा है। आप को इस ऑनलाइन चर्चा की लिंक भेजी जाएगी। 

     हम बड़ोदरा गुजरात की आयोजक समिति और सीकर राजस्थान जमनालाल बजाज फाउंडेशन की आयोजक समिति,दोनो का हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं की आपने हमे अत्यंत कम प्रवेश शुल्क में सुबहका नाश्ता मध्यान्ह भोजन सायंकालीन भोजन निवास और प्रशिक्षण की बहुत ही सुंदर व्यवस्था की है। 

आपके इस अथक प्रयासों को मॉडल के रूप में सफल बनाने में हम कुछ भी कसर नहीं छोड़ेंगे। धन्यवाद।

टिप्पणियाँ