ऊर्जा आत्मनिर्भरता और जलवायु संतुलन ही विकसित भारत के निर्माण में सहायक: डॉ. बिनय कुमार

                                                                                          इकोसस्टेनेबल डेवलपमेंट फाउंडेशन (ESDF) द्वारा आयोजित ग्लोबल सस्टेनेबल एनर्जी समिट एवं अवॉर्ड्स–2025 का भव्य आयोजन इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में 15 दिसंबर को किया गया। सम्मेलन का विषय “ड्राइविंग द सस्टेनेबल फ्यूचर: इंडिया लीडिंग द ग्लोबल एनर्जी ट्रांजिशन” रहा।

इस अवसर पर नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों एवं पर्यावरण विशेषज्ञों ने भारत के निम्न-कार्बन, सुरक्षित एवं समावेशी ऊर्जा भविष्य की दिशा में हो रहे प्रयासों पर गहन विचार-विमर्श किया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. बिनय कुमार, आयोजन सचिव, ESDF, ने कहा कि भारत तेज़ी से जीवाश्म ईंधनों से स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण कर रहा है। उन्होंने सौर एवं पवन ऊर्जा के बड़े पैमाने पर विस्तार, वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य, ग्रीन हाइड्रोजन एवं जैव ईंधन में भारत की अग्रणी भूमिका तथा जलवायु लक्ष्यों के साथ आर्थिक विकास के संतुलन पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत (विकसित भारत) और वैश्विक नेतृत्व को सुदृढ़ करने पर भी बल दिया।

डॉ. पूनम गौर, प्रोग्राम डायरेक्टर, ESDF, ने स्वागत भाषण में सतत विकास के लिए समन्वित एवं समावेशी दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।


डॉ. गोपाल सारंगी, विभागाध्यक्ष, नीति एवं प्रबंधन अध्ययन विभाग, टेरी स्कूल ऑफ एडवांस्ड स्टडीज़, ने कहा कि ऊर्जा संक्रमण एक जटिल, परस्पर जुड़ी और गैर-रेखीय प्रक्रिया है। उन्होंने औद्योगिक क्लस्टरिंग (स्टील प्लांट, नवीकरणीय ऊर्जा केंद्र, बंदरगाह), प्रणालीगत योजना तथा घरेलू तैयारियों को अत्यंत आवश्यक बताया।

श्री विजय मेंघानी, मुख्य अभियंता (उभरती प्रौद्योगिकी एवं नवाचार), केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, विद्युत मंत्रालय, ने वर्ष 2070 तक नेट ज़ीरो लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मजबूत एवं लचीले पावर ग्रिड के विकास पर प्रकाश डाला।

डॉ. विशाल चौधरी, वैज्ञानिक-एफ, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय, भारत सरकार, ने स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण में विज्ञान और नवाचार की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।

श्री अविनाश कुमार, सस्टेनेबिलिटी मैनेजर, मोरिरोकु टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा, ने उद्योग-आधारित सस्टेनेबिलिटी पहलों और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने में कॉरपोरेट जिम्मेदारी की भूमिका को रेखांकित किया।

श्री राज सिंह निरंजन, कॉर्पोरेट स्पीकर एवं विधिक सलाहकार, डॉ. गोपाल एनर्जी फाउंडेशन, ने वैश्विक सौर बाजार में भारत की अग्रणी भूमिका तथा इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) में नेतृत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि ISA का उद्देश्य विश्वभर में सौर ऊर्जा के लिए एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश जुटाना है।


सम्मेलन के दौरान आयोजित सम्मान समारोह में सतत विकास, स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक प्रभाव के लिए उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया गया। व्यक्तिगत श्रेणी में डॉ. विनय कुमार पांडेय, श्री संजय भाई, श्री महेश वैष्णव, श्री अमितेश कुमार एवं श्री विक्रांत टोंगड़ को सम्मानित किया गया, जबकि संस्थागत श्रेणी में वसिष्ठ धाम सेवा ट्रस्ट, तारे ज़मीन फाउंडेशन, गिव मी ट्रीज़ ट्रस्ट, वितान अर्थ फाउंडेशन, शिक्षा अभियान एजुकेशनल सोसाइटी तथा एसोसिएशन ऑफ एनवायरनमेंटल प्रोफेशनल्स को पुरस्कार प्रदान किए गए।

कार्यक्रम का समापन डॉ. आज़ाद सिंह, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर, ESDF, द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

सम्मेलन ने यह स्पष्ट किया कि भारत नवाचार, सुदृढ़ नीतियों, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समावेशी विकास के माध्यम से वैश्विक ऊर्जा संक्रमण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सबसे तेजी से पैसे कमाने के कुछ तरीके जानें

स्वदेशी बनाम विदेशी और भारतीय आर्थिक एवं कृषि आत्मनिर्भरता

शिव ध्वज फहराकर सबने की बुराइयों से मुक्त होने की प्रतिज्ञा