आलोक कुमार तिवारी का एक परिचय

 

आलोक कुमार तिवारी का एक परिचय

आलोक कुमार तिवारी एक प्रशिक्षित सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार हैं। जिनका जन्म बिहार राज्य के पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया में 4 मार्च 1984 को हुआ था। जब आलोक कुमार तिवारी दसवीं कक्षा में थे, तभी इनके पिता डॉक्टर लक्ष्मीकांत तिवारी का देहांत हो गया। इनके माता का भी देहांत हो चुका है।

आलोक कुमार तिवारी दो भाई में छोटे हैं जबकि इनकी एक बहन भी है जो इनसे छोटी है। आलोक कुमार तिवारी के बड़े भाई नीरज कुमार तिवारी एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी में प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। आलोक कुमार तिवारी के बड़े भाई की शादी 2006 में हुई और इनके छोटी बहन की शादी 2013 में हुई।

आलोक कुमार तिवारी ने स्वयं शादी नहीं करने का फैसला लिया है। क्योंकि इनका मानना है कि शादी एक ऐसा बंधन होता है जिसमें फंसकर व्यक्ति परिवार के बंधनों से आगे बढ़कर बाहर के लोगों की भला बहुत हद तक नहीं कर पाता है।

आलोक कुमार तिवारी की शिक्षा

शिक्षा के बारे में बात करें तो जब ये दसवीं में थे तभी इनके पिता का देहांत हो गया। जिसके बाद इन्होंने मोतिहारी के मुंशी सिंह महाविद्यालय से जीव विज्ञान में मध्यवर्ती स्तर पर पढ़ाई करके और दिल्ली आकर राष्ट्रीय गांधी पुस्तकालय से केवल अपने पसंद के पुस्तकों का अध्ययन और समाजकार्य आरम्भ किया।

बाद में विशेषकर गांधी विचार से सहमत होते हुए चम्पारण लौटकर एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर गांधी ग्रामीण विकास सेवा संस्थान के साथ मिलकर विभिन्न सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेने लगे। जिसके बाद चम्पारण में आलोक कुमार तिवारी (भोलाभाई) की पहचान एक सामाजिक कार्यकर्ता की होने लगी।

लेकिन पढ़ाई के साथ साथ डिग्री की बात भी जब इन्हें सताने लगी। ..कि कैसे लोग केवल अपनी डिग्री, योग्यता या पदवी को अपनी प्रतिष्ठा सूचित करने वाला शब्द मानकर पेश करते रहते हैं। अतः आलोक कुमार तिवारी ने भी कुछ और डिग्री हासिल करना ही बेहतर समझा।

तब इन्होंने इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय से समाज कार्य में स्नातक की पढ़ाई करने के बाद मास्कोमीडिया से टीवी प्रोडक्शन, डायरेक्शन और पत्रकारिता में मास्टर प्रोग्राम की अवधि 2014 में पूरा की। जिसके बाद दिल्ली प्रेस से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सबसे पहले इन्होंने नई दिल्ली टाइम्स में एक लेखक और अनुवादक की नौकरी 2015 से 2019 तक किया।

महत्वपूर्ण सामाजिक कार्य

आलोक कुमार तिवारी ने कोरोना काल में कोरोना महामारी के खिलाफ जागरुकता और बचाव के लिए लगातार बढ़ चढ़कर सेवा-कार्य किया। ये मोबाईल न्यूज 24 और एम आई मीडिया न्यूज के लिए एक लेखक, और राजनीतिक संवाददाता के तौर पर स्वतंत्र रूप से कार्यरत्त रहे हैं।

जबकि मौजूदा समय राष्ट्रहित कदम नाम के मासिक पत्रिका के प्रबंध सम्पादक की भूमिका में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे  हैं। इनके द्वारा लिखित एक और गांधी नाम के शीर्षक से लगभग 200 पेज की एक काल्पनिक कहानी भी एक पुस्तक के रूप में प्रकाशित की जा रही है।

 

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