आपको शास्त्रीय विधि से बना गिर गाय का शुद्ध घी घर पर मिल सकता है
आपको शास्त्रीय विधि से बना गिर गाय का शुद्ध घी घर पर मिल सकता है
मेरे एक मित्र की गिर नस्ल की गौशाला गुजरात में चलाते हैं, इन गायों को हर रोज चराने लेकर जाया जाता है, ताकि उन्हें अपनी मनपसंद घास, वनस्पति और औषधियां मिल सके | दूध के दोहन से लेकर बोतल में पैकिंग करने तक स्टील या मिट्टी के बर्तनों का ही उपयोग होता है | कहीं पर भी प्लास्टिक उपयोग नहीं किया जाता |
घी बनाने का प्रोसेस :
हिन्दू शास्त्रों में घी बनाने की प्रक्रिया को बिलकुल स्पष्ट रूप से बताया गया है ....
1. गाय के दूध को लंबे समय तक मिट्टी के बर्तन में उबाला जाता है |
2. इस उबले हुए पूरे दूध का दही बनाया जाता है |
3. इस दही से, देसी लकड़ी के बिलोने का उपयोग करके, मक्खन निकाला जाता है |
4. इसी मक्खन को धीमी अग्नि पर गरम करके घी बनाते है |
*देसी गिर गाय के बिलोने से बने घी के फायदे :*
- रोग प्रतिकारक क्षमता को बढ़ाता है |
- गीर गाय के घी में मौजूद ब्यूटीरिक एसिड पाचन प्रक्रिया को सरल और सहज बनाता है |
- कब्ज की समस्या में भी घी का सेवन बहुत लाभकारी है |
- त्वचा को निखारता है |
- वेट लॉस के लिए भी बहुत लाभकारी है | (Increases metabolism and helps in weight loss)
- उम्र बढ़ाने की प्रक्रिया को धीमा करता है | (Anti-ageing)
- जोड़ों को चिकनाई देता है और हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है | गठिया से जुड़े दर्द और सूजन को कम करता है |
- गीर गाय का घी बच्चों की बुद्धि और स्मृति दोनों ही बढ़ता है.
- गीर गाय का घी शरीर के तीनों दोषो ( वात,पित्त व कफ )को संतुलित करता है |
- गिर गाय के घी का स्मोकिंग पॉइंट अधिक होता है, जो इसे उच्च तापमान पर खाना पकाने के लिए भी आदर्श बनता है |
- गीर गाय के घी में लैक्टोज नहीं होता और इसीलिए लैक्टोज intolerant व्यक्तियों के लिए गिर गाय का घी उपयुक्त आहार है |
विश्वाश है इतना गुणकारी गिर गाय का शुद्ध घी आप भी प्रयोग करना चाहेंगे बताइएगा।
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