ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा बच्चों के लिए तीन दिवसीय ग्रीष्मकालीन संस्कार शिविर का शुभारम्भ
- ब्रह्माकुमारीज़ एक कुम्हार की तरह कर रही है बच्चों का चरित्र निर्माण - डॉ. दीपक जैन
- ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा बच्चों के लिए तीन दिवसीय ग्रीष्मकालीन संस्कार शिविर का शुभारम्भ
- ओम शांति रिट्रीट सेंटर में इकोज़ ऑफ इनोसेंस विषय पर हुआ आयोजन
- 450 से भी अधिक बच्चे हुए कार्यक्रम में सम्मिलित
14 जून 2025, गुरुग्राम
ब्रह्माकुमारीज़ एक कुम्हार की तरह बच्चों के चरित्र निर्माण का कार्य कर रही है। उक्त विचार फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के प्रेसिडेंट डॉ. दीपक जैन ने व्यक्त किए। ब्रह्माकुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में बच्चों के लिए आयोजित तीन दिवसीय शिविर के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने ये बात कही। इकोज़ ऑफ इनोसेंस विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आने वाला समय बड़ा ही चुनौतीपूर्ण है। जिसमें आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों का महत्वपूर्ण योगदान होगा। कार्यक्रम में सेंटर बोर्ड ऑफ ट्रस्टी, ईपीएफओ के मेंबर हितेश माथुर ने भी अपने विचार रखे।
- खुशी का मुख्य आधार सच्चाई और सफाई
ओआरसी की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका राजयोगिनी विजय दीदी ने बच्चों का उत्साह वर्धन किया। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान में बच्चों की अहम भूमिका रही है। संस्थान की स्थापना के समय से ही छोटे-छोटे बच्चे अपने पेरेंट्स के साथ आते थे। उन्होंने कहा कि बच्चे दिल के सच्चे होते हैं। जीवन में सच्चाई और सफाई के आधार से ही जीवन खुशहाल बन सकता है। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा के साथ आध्यात्मिक शिक्षा भी बहुत जरूरी है। अपने जीवन के प्रेरक प्रसंग के आधार पर उन्होंने सभी का उत्साह वर्धन किया।
तीन दिन तक चलने वाले कार्यक्रम में बच्चों के लिए बौद्धिक एवं शारीरिक प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। जिसमें गीत, संगीत, नृत्य, लेखन एवं खेलकूद प्रतियोगिताएं शामिल हैं। कार्यक्रम में बच्चों के लिए विभिन्न विषयों पर जानकारी दी जाएगी। जिसमें मुख्य तौर पर मस्तिष्क को रचनात्मक कार्यों में लगाना। भय से मुक्त बन परिस्थितियों का सामना करना। स्वयं में विश्वास रखना एवं मोबाइल का सही प्रयोग करना। कार्यक्रम में बीके चांद ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन बीके दिव्या ने किया। कार्यक्रम में 450 से भी अधिक बच्चे सम्मिलित हुए।
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