तीन दिवसीय समाजसेवी राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारम्भ


- आध्यात्मिकता से ही सामाजिक सशक्तिकरण संभव - मोनाली धकाते

- तीन दिवसीय समाजसेवी राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारम्भ

- ब्रह्माकुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में हुआ आयोजन


21 सितम्बर 2024, गुरुग्राम

ब्रह्माकुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में समाज सेवियों के लिए तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारम्भ हुआ। दादी प्रकाशमणी सभागार में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की संयुक्त सचिव मोनाली धकाते ने बतौर मुख्य अतिथि अपने विचार रखे। स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के लिए आध्यात्मिक सशक्तिकरण विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक सशक्तिकरण ही वास्तव में असली सशक्तिकरण हैं। आध्यात्मिकता से ही सामाजिक सशक्तिकरण हो सकता है। आध्यात्मिकता जीवन की प्रक्रिया है। आध्यात्मिकता ही जीवन है क्योंकि मूल्यों की जागृति चेतना से होती है। योग हमें स्वयं से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आध्यात्मिक सशक्तिकरण के लिए बहुत ही सराहनीय कार्य हो रहा है।


फरीदाबाद से रॉटरी क्लब के असिस्टेंट गवर्नर विपिन चंदा ने कहा कि आध्यात्मिक जागृति से ही सामाजिक परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता ही मानव के व्यावहारिक एवं मानसिक बदलाव का आधार है।


ओआरसी की निदेशिका राजयोगिनी आशा दीदी ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज एक ऐसे समाज की पुनर्स्थापना का कार्य कर रही है जहां कोई भी दुख न हो। संस्था का मूल उद्देश्य आध्यात्मिक मूल्यों को जाग्रत करना है। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान मानव के अन्दर सेवा की सच्ची भावना पैदा करने का कार्य कर रही है। संस्था राजयोग के द्वारा मानव को उसकी सही पहचान करा रही है। उन्होंने कहा कि संस्था भारत सरकार के साथ मिलकर नशा मुक्ति अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि सेवा का असली अर्थ केवल देने में है।


अजमेर से पधारी राजयोगिनी बीके शांता दीदी ने कहा कि दुःख का मूल कारण मनुष्य के ही अपने कर्म हैं। कर्मों को सुधारने से ही व्यक्ति व समाज सुख सम्पन्न बन सकता है।


संस्था के समाज सेवा प्रभाग के उपाध्यक्ष राजयोगी बीके प्रेम ने कहा कि आत्मज्ञान से ही सच्चा सेवाभाव जागता है।


कार्यक्रम में दिल्ली, खानपुर से बीके आशा ने भी सभा को संबोधित किया एवं सबको राजयोग का अभ्यास कराया। संस्था के मुख्यालय माउंट आबू से पधारे बीके बिरेंद्र ने समाज सेवा प्रभाग द्वारा की जा रही सेवाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम के स्वागत सत्र में रिहाई फाउंडेशन की संस्थापक एकता आनंद एवं पद्मश्री जितेंद्र शंटी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।


संस्था के समाज सेवा प्रभाग द्वारा सेवा से सम्बन्धित एक गीत की लॉन्चिंग हुई। जिसे बीके चांद ने अपने सुमधुर स्वर दिए। दिल्ली, खानपुर से आए बीके अर्पिता एवं बीके प्रदीप ने भी कार्यक्रम में अपने गीत के द्वारा सबको प्रभु स्मृति दिलाई।


बीके अमृता एवं बीके अंकिता ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम में 700 से भी अधिक लोगों ने शिरकत की।

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