पांचवा मगही अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नई दिल्ली भारत में हुआ संपन्न
पांचवा मगही अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नई दिल्ली भारत में हुआ संपन्न
नई दिल्ली :- 16 अगस्त 2024 को पांचवा मगही अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन गांधी शांति प्रतिष्ठान भारत में हुआ संपन्न.
जिसकी अध्यक्षता डॉ वीर बहादुर महतो (अध्यक्ष मगही अंतरराष्ट्रीय परिषद ) मुख्यअथिति डॉ केशवमान शाक्य ( पूर्व मंत्री नेपाल सरकार) विषय विज्ञ के रूप में प्रशिक्षित सामाजिक कार्यकर्ता आलोक कुमार तिवारी जी, डॉ रामलाल सुतिहार अधिवक्ता डॉ विजय कुमार वर्मा, डॉ केदार मंडल, डॉ नाथ सिंह रसिया, डॉ रामा शंकर कुशवाहा, शिव पूजन कुशवाहा, गीता शाक्य एवं सोशल एक्टिविस्ट के एल गुप्ता आदि रहे।
कार्यक्रम में मगही भाषा को 8वां अनुसूची में दर्ज कराने की मांग की गयी। मगही भाषा की मानवीकरण पर परिचर्चा हुयी वैश्विक स्तर समावेश मगही शब्दकोश निर्माण करने पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुयी.
जिसमें विचार व्यक्त किया गया कि मगही के उत्कर्ष के वार्षिक शब्दावली व्याकरण इत्यादि को निर्मित करना चाहिए.
जन द्वारा भाषा का सामूहिक रूप में प्रयोग होना चाहिए
भाषा संपर्कों में सहायक / अथवा अपनापन को बनाए रखती है
मगही भाषा ने भारत के राज्यों को ही नहीं अपितु कुछ विदेशों को भी जोड़ा है
कुछ शब्दों की विशिष्ट शब्दावली होती है। इसका अन्य भाषा में कोई समानार्थी नहीं है। भाषा के विकास के लिए आवश्यक है भाषा का व्याकरण और विकास जनसमूह द्वारा सामूहिक रूप से प्रयोग हो।
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