गीता नृत्य नाटिका का मंचन किया गया
श्रीमद्भगवद् गीता के श्लोकों पर केंद्रित पहली बार गीता नृत्य नटिका मंचन किया गया।
23 दिसम्बर, 2023 को रवीन्द्र भवन के मेघदूत-3 में संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली के सहयोग से राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर स्मृति न्यास, दिल्ली द्वारा श्रीमद्भगवद् गीता के श्लोकों पर केंद्रित पहली बार गीता नृत्य नटिका मंचन किया गया।
इस अवसर पर पहली बार गीता नृत्य नाटिका के सफल मंचन पर निर्देशक सुप्रसिद्ध कलाकार श्रीमती पूनम शर्मा, नीरज कुमार, अध्यक्ष, राष्ट्रकवि दिनकर स्मृति न्यास और देश के जाने माने स्तम्भकार डॉ विपिन कुमार ने प्रमुख रुप से अपने विचार व्यक्त किए।
गीता नृत्य नाटिका के मंचन के बाद निर्देशक सुप्रसिद्ध कलाकार श्रीमती पूनम शर्मा ने उन सभी प्रतिभागी कलाकारों की सराहना की जिनकी वजह से गीता नृत्य नाटिका का पहली बार में सफल मंचन हो सका।
राष्ट्रकवि दिनकर स्मृति न्यास के अध्यक्ष, नीरज कुमार ने कहा रवीन्द्र नाथ टैगोर कहते हैं कि नाटक का मंचन नौ बार में सफल होता है लेकिन जैसा कि मैडम ने कहा कि आप सभी ने पहली बार में ही इसे सफल बनाया है तो मै विशेष कर आप सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करता हूं। आप सभी पहली बार में हीं इतना (सौ पर्सेंट) सफल हैं।
देश के जाने माने स्तम्भकार डॉ विपिन कुमार ने पहली बार गीता नृत्य नाटिका के सफल मंचन पर निर्देशक सुप्रसिद्ध कलाकार श्रीमती पूनम शर्मा, नीरज कुमार, अध्यक्ष, राष्ट्रकवि दिनकर स्मृति न्यास का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि हम सभी के घरों में पहले गीता और रामायण हुआ करता था जिसे हम पढ़ते थे और समझने का प्रयास करते थे।
लेकिन आज पढ़ना और समझना तो दूर हमारे बहुत से घरों में गीता और रामायण होते भी नहीं हैं। मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लगा क्योंकि एक तरफ आज पूरी दुनिया जहां क्रिसमस मनाने में व्यस्त है ऐसे समय पर हममें से बहुत से लोगों को यह भी ज्ञात नहीं है कि आज गीता जयंती भी है।
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक द्वारा रचित गीता रहस्यम के संकलन पर आधारित गीता नृत्य नाटिका का पहली बार में हीं इतना सफल मंचन हो सका है इसके लिए आप सभी को हृदय से धन्यवाद। यह कार्यक्रम अद्भूत, आनन्ददायक और हम सभी के लिए काफी प्रेरणादायक है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें