पद्मश्री डॉक्टर सुभाष पालेकर दो दिनों तक दिल्ली में अनेक व्यक्तियों को SPK से जुड़ी चर्चा के लिए समय दिए
पद्मश्री डॉ सुभाष पालेकर
व्हाट्स एप नं 9850352745
ता 30 अक्टूबर 2023
साथियों और बहनों ,
नई दिल्ली में इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के माध्यम से दिल्ली के पंचतारांकित five star विश्व विख्यात ग्रॅंड हाॅटेल में बायो फ्यूएल एथेनॉल पर ता 28 अक्टूबर 2023 को आयोजित एक दिन की अत्यंत महत्वपूर्ण संगोष्ठी conference अपेक्षातीत अभुतपूर्व सफल रही, जिसमें पुरे भारत के वरिष्ठ वैज्ञानिक, आफ्रीका आशिया रुरल डेवलपमेंट संगठन के डायरेक्टर जनरल, उनके उच्चतम अधिकारी,उस विषय के विशेषज्ञ, राष्ट्रीय चीनी मिलों के वरिष्ठ प्रतिनिधि, इथेनॉल निर्मिती करने वाले उद्योगों के प्रतिनिधि , भारत सरकार के उच्चतम अधिकारी,और इस विषय पर कार्य करने वाले उद्योगों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए थे। सभी को अपना अनुसंधान एवं अनुभव भाषण संगोष्ठी में रखने के लिए सिर्फ दस दस मिनट दिये गये थे, लेकिन मेरा भाषण देने के लिए मुझे उन्होंने दो सत्रों में सव्वा घंटा समय दिया गया,इससे हमारे विषय को राष्ट्रीय स्तर पर कितना ज्यादा महत्व दिया जा रहा है यह सत्य राष्ट्रीय स्तर पर समझ में आ रहा है। मेरे विषय को सबने बड़ी गंभीरता से सुना,और पसंद किया गया,अनेक वक्ताओं ने अपने भाषण में हमारे सुभाष पालेकर कृषि जन आंदोलन कार्य का उल्लेख किया। आखिर में अनेक वक्ताओं ने मुझसे मिलकर अभिनंदन किया, बात किया, मेरे फ़ोन नंबर लिये। इस से यह सिद्ध होता है कि हम आप सही दिशा में आगे बढ़ रहें हैं, जन मान्यता मिल रही है। इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के डायरेक्टर जनरल श्री मुनींद्र कुमार जी और उनके वरिष्ठ सहयोगी,उनका अधिकारी वर्ग इन सभी ने इस संगोष्ठी को सफल बनाने में अभूतपूर्व मेहनत कियी है, हम उन सब का हमारे जन आंदोलन के माध्यम से हार्दिक धन्यवाद देता हूं।
दुसरे दिन ता 29 अक्टूबर 2023 को नई दिल्ली राजघाट में महात्मा गांधी समाधि का दर्शन और आशीर्वाद लेकर उसी प्रक्षेत्र में विश्व विख्यात नैशनल गांधी म्यूजियम के सेमिनार हाॅल में सुबह दस से लेकर शाम पांच बजे तक हमारी मीटिंग दिल्ली, नई दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुड़गांव और ऐन सी आर क्षेत्र से आये सुभाष पालेकर कृषि जन आंदोलन के सक्रिय कार्यकर्ता साथियों के साथ संपन्न हुई, जिसमें बिहार के भूतपूर्व कृषि मंत्री, साथ में इसके अलावा बिहार के वरिष्ठ गांधीवादी, राजस्थान से हमारे वरिष्ठ सहयोगी आकर चिंतन शिविर में शामिल हुए। चर्चा में दिनभर राष्ट्रीय गांधी म्यूजियम के संचालक और उनके वरिष्ठ सहयोगी भी शामिल हुए। बहुत ही अर्थवाही सकारात्मक चर्चा हुई। चर्चा में कुछ संकल्प किये गये और उसपर तुरंत कामकी शुरुआत भी हो गई।
दो दिन के इन अत्यंत महत्वपूर्ण व्यस्त कार्यक्रम के बाद आज मैं अमरावती विदर्भ वापस आ गया हूं
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें