What is cryptocurrency, bitcoin and digital currency?

 क्रिप्टोकरेंसी, बिटक्वाइन और डिजिटल मुद्रा क्या है  ? 

इस सवाल का जवाब जानने के क्रम में सबसे पहले 

हमें क्रिप्टोकरेंसी का अर्थ समझना होगा।  

 जाति,धर्म और सामाजिक मान्यता
What is cryptocurrency
क्रिप्टोकरेंसी दो शब्दों क्रिप्टो और करेंसी के
मिलने से बना है। क्रिप्टो का अर्थ होता है
गुप्त और करेंसी का अर्थ मुद्रा होता है।
इस तरह से क्रिप्टोकरेंसी को हम एक
डिजिटल यानि आभासी मुद्रा के रुप में
देखते हैं।


इसे हम रुपये, पैसे, डॉलर, सेंट्स या
किसी भी देश में प्रचलित मुद्रा की तरह
अपनी हाथों में नहीं ले सकते हैं। लेकिन
क्रिप्टोकरेंसी को हम एक डिजिटल या
आभासी मुद्रा के रुप में महसूस कर सकते
हैं या देख सकते हैं। 


जैसा कि आमतौर पर हम यह समझते हैं

कि भारत का रुपया, अमेरिका का डॉलर
या पौंड इंग्डलैंड का मुद्रा है। 


वैसे हीं और भी सभी देशों की
अपनी अपनी मुद्राएं होती हैं। जिन्हें उस देश की सरकार 

संचालित करती है। उन मुद्राओं पर सरकार की हीं 

नियंत्रण होती है।


लेकिन क्रिप्टोकरेंसी को एक ऐसे वित्तीय लेन-देन की मुद्रा के

 एक आधुनिक प्रचलन के रुप में हम समझ सकते हैं जिसमें 

लेन-देन के लिए क्रिप्टोग्राफी तकनीक का प्रयोग किया 

जा रहा है।


 What is cryptography?

क्रिप्टोग्राफी तकनीक
क्रिप्टोग्राफी कोड के माध्यम से किसी भी
तरह के सूचना और संचार को सुरक्षित
रखने की एक तकनीक है।

क्रिप्टोग्राफ़िक तकनीकों में एन्क्रिप्शन 

शामिल हैजिसमें एल्गोरिदम नाम के एक 

प्रक्रिया को लागू करना होता है। ताकि किसी 

भी बात को एक ऐसे रुप में बदल दिया जा सके

 जो किसी भी अन्य व्यक्ति के लिए अस्पष्ट प्रतीत 

होती है।

 

लेकिन जिसके पास इसे डिक्रिप्ट करने की कुंजी 

होती है वह उस सूचना-संचार को  डिक्रिप्ट" कर सकता है. यानि 

शब्द, संदेश और चीजों को उसके मूल रूप में 

वापस बदल सकता है

 

 सतनाम का इतिहास

बिटक्वाइन क्या है
लेकिन आज के दिनों में क्रिप्टोकरेंसी के
एक सबसे महत्वपूर्ण प्रकार के रुप में
बिटक्वाइन एक ऐसी मुद्रा के तौर पर
विकसित हो रही है जो आज किसी भी
एक सरकार के नियंत्रण से बाहर दिखती है।
 
हालांकि और भी कई क्रिप्टोकरेंसी हैं
जो इसी तर्ज पर प्रचलन में हैं। परंतु
बिटक्वाइन हीं इन सभी क्रिप्टोकरेंसी में सबसे महत्वपूर्ण
क्रिप्टोकरेंसी बनी हुई है।
 
आज क्रिप्टोकरेंसी में सबसे  प्रमुखता के
साथ बिटक्वाइन का हीं नाम आता है।
एक तरह से देखें तो बिटक्वाइन आज
क्रिप्टोकरेंसी का एक पर्याय बन चुकी है।
यानि  क्रिप्टोकरेंसी मतलब बिटक्वाइन और
बिटक्वाइन मतलब क्रिप्टोकरेंसी
ऐसी समझ विकसित हो चुकी है।
 
अपने शुरुआती दिनों से आजतक,
क्रिप्टोकरेंसी के एक सबसे पहला और
सबसे महत्वपूर्ण प्रकार बिटक्वाइन ने
कई कीर्तिमान स्थापित कर दिए हैं।
जिन बातों से दुनिया के कई बड़ी बड़ी
हस्तियों , संगठनों और कंपनियों के साथ
साथ कई देशों की सरकारों की भी ध्यान
बिटक्वाइन लगातार अपनी ओर आकर्षित
कर रही है।
 
 ब्लैक ⚖ जस्टिस
ऐसे में क्रिप्टोकरेंसी के भविष्य के आधार
भी ज्यादा करके बिटक्वाइन पर हीं टिके हुए
दिखते हैं। क्रिप्टोकरेंसी, डिजिटल यानि
आभासी मुद्रा की जानकारी के बारे में पहली
समझ में ऐसा भी हम मान सकते हैं।
 
क्योंकि बिटक्वाइन हीं दुनिया की सबसे पहली
क्रिप्टोकरेंसी है। बिटक्वाइन नाम की
यह क्रिप्टोकरेंसी दुनिया का ध्यान लगातार
अपनी ओर सबसे ज्यादा खिंच रही है।
 
क्रिप्टोकरेंसी, बिटक्वाइन या डिजिटल
मुद्रा के जनक 
जापानी इंजीनियर जिनको सतोशी नाकामोतो
के छद्म नाम या व्यक्तियों के एक समूह
के छद्म नाम के रुप में जाना जाता है।
उनके द्वारा 2009 में बिटक्वाइन के नाम से
शुरुआत की गई क्रिप्टोकरेंसी या आज के
प्रचलित डिजिटल मुद्रा की यह एक रुप
दुनिया में सबसे पहले लॉन्च की गई।
 
हालाकि बिटक्वाइन की खोज 2008 में हुई थी।
लेकिन आधिकारिक तौर पर 2009 में
हीं बिटक्वाइन लॉन्च हुआ। भारत में किसी
भी क्रिप्टोकरेंसी को अभी कानूनी मान्यता
नहीं मिली है। इस तरह से बिटक्वाइन या
किसी भी क्रिप्टोकरेंसी को भारत में कानूनी
और गैर-कानूनी भी नहीं माना जा सकता है। 
 
अमेरिका में भी क्रिप्टोकरेंसी या बिटक्वाइन को
ना हीं कानूनी और ना हीं गैर-कानूनी
माना जाता है। हालांकि चीन और रुस में यह
पूरी तरह से गैर—कानूनी और प्रतिबंधित है।
 
जिसके बाद भी क्रिप्टोकरेंसी, बिटक्वाइन और
डिजिटल मुद्रा की प्रचलन लगातार बढ़ती
हुई देखी जा सकती है। मुद्रा की यह
आधुनिक प्रचलन तब अत्यधिक सुर्खियों में
आने लगी। जब क्रिप्टोकरेंसी या डिजिटल मुद्रा
बिटक्वाइन के रुप में 2009 का महज 6 (छः)
से 8 (आठ) पैसा यानि की 10 (दस) पैसे
से भी कम महज एक साल में बढ़कर 0.08
डॉलर के बराबर हो गई।
 
यही नही 2011 के अप्रैल में 1 डॉलर और
जून तक बढ़कर 32 डॉलर तक पहुंच गई।
देखते हीं देखते 2013 और 2017 के बीच
बिटक्वाइन के भाव में इतनी जबर्दस्त तेजी
आई कि दुनिया की सभी पहले से प्रचलित
किसी भी देश की मुद्रा बिटक्वाइन की उच्छाल
के आगे बिल्कुल बौनी दिखने लगीं।
 
गौरतलब बात है कि 2009 की अपनी शुरुआती
दिनों के बाद से आजतक के बीच में
यानि महज 9 साल की अपनी इस यात्रा में
बिटक्वाइन नाम के इस एक यूनिट
क्रिप्टोकरेंसी की कीमत कुछ समय के
लिए 44 लाख तक पहुंच चुकी थी।
 
आज इस लेख के लिखे जाने तक के
डॉलर और रुपये के आंकड़े से बिटक्वाइन
के अबतक के सबसे ज्यादा कीमत को देखें
तो यह तब के $68,789.63  डॉलर के
हिसाब से और आज के रुपये के हिसाब से
56,56,922.10 Indian Rupee तक
के उच्चतम स्तर को भी एक बार छू
चुकी है।
 
लेकिन यह आंकड़ा तब डॉलर के कमजोर
होने के कारण और आज डॉलर के
मुकाबले रुपये के कमजोर होने के कारण
दिखता है।
 
कुल मिलाकर एक औसत रुप में हम
यह मानकर चल सकते हैं कि एक यूनिट
बिटक्वाइन अबतक लगभग 50 लाख के
आंकड़े तक को पार करने की क्षमता तक
पहुंच बनाकर और मौजूदा समय में आज
लूढ़क कर 24,03,564.97INR पर
आ गई है।
 
अगर हम केवल आज की बात करें तो
बिटक्वाइन में आज भी यानि आज यह
लेख लिखे जाने के समय तक −4,911.26
(0.20%) की गिरावट दर्ज की गई है।
 
इस तरह से हम अपने व्लॉग के माध्यम से
क्रिप्टोकरेंसी, बिटक्वाइन, या डिजिटल
मुद्रा की प्रचलन के साथ साथ आज से
अपने एक ऐसे व्लॉग की भी शुरुआत कर
चुके हैं। जिसके माध्यम से हम लगातार इन सभी विषयों पर
लेख लिखते रहेंगे और नई नई
जानकारी देते रहेंगे। 



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