HEALTH IS WEALTH
स्वास्थ्य
जागरुकता और नई चिकित्सा पद्धति में अनुसंधान के असर
आज के दौर में
स्वस्थ्य दिखना, #शारीरिक और #मानसिक रुप से फिट रहना, कौन नहीं चाहता है। आज लोगों में अपने #स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता
लगातार बढ़ रही है, तो इसकी सबसे बड़ी वजह क्या है? इस सवाल का जवाब पत्ता करने पर हम
इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि #आज के दौर की चिकित्सा प्रणाली पुराने जमाने की #चिकित्सा पद्धति के मुकाबले बहुत असरदार बन रही है।
पुराने जमाने में लोग स्वास्थ्य के
प्रति कितने जागरुक
ऐसा नहीं है कि आज लोगों में अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता लगातार बढ़ रही है, तो पुराने जमाने के लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरुक नहीं थे। लेकिन तब के लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता के बावजूद, उस जमाने की चिकित्सा प्रणाली काफी लचर स्थिति में थी।
पुराने जमाने में चिकित्सा व्यवस्था की स्थिति इतनी खस्ताहाल थी कि स्वास्थय के प्रति #जागरुक होते हुए भी किन्हीं कारणों से छोटी छोटी बीमारी हो जाने पर भी लोगों का जीवन बचाना बहुत मुश्किल हो जाता था। ऐसे में पुराने जमाने में लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरुक होते हुए भी लचर चिकित्सा #पद्धति की बलि भी लगातार चढ़ते रहते थे।
पुराने जमाने की चिकित्सा पद्धति
कुछ लोग सौ साल से ज्यादा जीवीत रह भी जाते थे, तो ज्यादा लोग काफी कम समय में हीं कुछ छोटी छोटी बीमारियों से हीं काल के गाल में समा जाते थे। जिनकी वजह से तब के लोगों में औसत आयु आज के मुकाबले काफी कम देखी जाती थी।
जिसकी एक मात्र वजह थी तब की लचर
चिकित्सा पद्धति। जिनकी वजह से पुराने जमाने की चिकित्सा पद्धति के अनुसार छोटी
छोटी बीमारियों में भी ज्यादा लोगों की जान नहीं बचाई जा सकती थी।
नई चिकित्सा पद्धति
आज इक्कीसवीं सदी के इस दौर में लोगों की औसत आयु पिछली सदियों के लोगों की औसत आयु के मुकाबले लगातार बढ़ रही है। स्पष्ट है कि लोग पिछली शताब्दियों के मुकाबले इक्कीसवीं सदी में अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा जागरुक हुए हैं।
इसलिए लोगों की औसत आयु भी
पिछली शताब्दियों के मुकाबले इस सदी में बढ़ने लगी है। आज ऐसी नई चिकित्सा पद्धति
का उदय हो चुका है, जो लोगों के स्वास्थ्य का पुराने जमाने की अपेक्षा बहुत हीं बेहतर
तरीके से देखभाल कर रही है।
नई चिकित्सा पद्धति में स्वास्थ्य के लिए सबसे बेहतर कौन
अपने प्रयोग और अनुसंधान के बल पर आज के दौर में कई ऐसी कंपनी और चिकित्सा पद्धति हैं, जो एक से बढ़कर एक ऐसी ऐसी प्रोडक्ट्स और चिकित्सा पद्धतियों की अनुसंधान कर रही हैं जो सभी लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए अपना अपना कार्य कर रही हैं।
जिन सभी बातों की असर की वजह से एक को देखकर दूसरों में भी अपने स्वास्थ्य के
प्रति बहुत तेजी से जागरुकता बढ़ती जा रही है। ऐसे में आज की नई चिकित्सा
पद्धति में स्वास्थ्य के लिए सबसे बेहतर होने के प्रमाण मिल रहे हैं।
आज की नई नई चिकित्सा पद्धति में प्रयोग और अनुसंधान का असर
आज लोगों में अपने स्वास्थ्य का देखभाल करने का महत्व बढ़ रहा है, तो यह कहीं न कहीं आज के नई नई प्रयोग और अनुसंधान का हीं एक असर है। जिस तरह से आज हर कोई अपने आपको स्वस्थ्य महसूस करने लगा है, वास्तव में यह मुकाम आज की नई चिकित्सा पद्धतियों में अपने प्रयोग और अनुसंधान के बल पर हीं हासिल किया जा रहा है।
ऐसे में आज की नई नई
चिकित्सा पद्धति में प्रयोग और अनुसंधान का लाभ पूरी दुनिया के लोगों तक पहुंच सके
यहीं बात आज के प्रयोग और अनुसंधान का उद्देश्य दिखती है।
कहा भी गया है स्वास्थ्य ही धन है HEALTH IS WEALTH Health is Wealth
उपरोक्त बातों के बावजूद इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि आज की चिकित्सा पद्धति
को और बेहतर और आम जनों के लिए सुविधाजनक बनाने के साथ साथ लगातार महंगे हो रहे ईलाज को सस्ता करने के उपर भी कार्य करने की आवश्यकता है। आज के दौर में ईलाज महंगा होने के कारण कई लोग अपना ईलाज ठीक से नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे में कई लोगों को बीमारी से ग्रसित होने के बाद पैसे के
अभाव में अपना दम तोड़ते भी देखा जा रहा है।
जो कि इस इक्कीसवीं शदी में भी मानवता को #शर्मसार करने वाली घटनाओं के रुप में दिख रही हैं।





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